मेट्रो रेल के लिए शहर में 22.3 किमी एलिवेटेड और 7.7 कि.मी भूमिगत कॉरीडोर बनेंगे। 30 किमी लंबे दोनों ट्रैक में 29 स्टेशन होंगे। डीपीआर बनाने वाली कंपनी राइट्स ने पूरे ट्रैक में 25 प्रतिशत भूमिगत और 75 प्रतिशत एलिवेटेड ट्रैक निर्माण का प्रावधान किया है। टेंडर हो जाने के बाद अब इन पर काम होगा। कंपनी 25 दिसंबर से पहले काम शुरू कर सकती है।
भूमिगत ट्रैक सिर्फ सिकंदरा से ताजमहल के पूर्वी गेट तक प्रस्तावित पहले कॉरीडोर बनेगा। 14.25 किमी इस ट्रैक में 14 स्टेशन बनेंगे। इनमें पांच स्टेशन भूमिगत होंगे बाकी सभी एलिवेटेड रहेंगे। कालिंदी विहार से आगरा कैंट रेलवे स्टेशन तक प्रस्तावित दूसरे 15.4 कि.मी लंबे कॉरीडोर में सभी 15 स्टेशन एलिवेटेड होंगे। इस कॉरीडोर में कोई भूमिगत स्टेशन नहीं बनेगा।
पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 8379 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें पहले कॉरीडोर के लिए तीन स्टेशन और चार कि.मी ट्रैक निर्माण 273 करोड़ रुपये में होगा। इसके लिए सेम इंडिया बिल्डवेल को ठेका मिला है। कंपनी 25 दिसंबर से पहले काम शुरू कर सकती है। फरवरी 2023 तक कंपनी को काम पूरा करना है।