ताजनगरी में मेट्रो चलाने की योजना पर छाए बादल छंटने लगे हैं। केंद्र सरकार की सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद योजना को बस कैबिनेट की मंजूरी मिलना शेष है।
कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद ही धरातल पर मेट्रो योजना के काम शुरू हो जाएंगे। आगरा विकास प्राधिकरण के अधिकारी पहले कह चुके हैं कि जिस तरह से योजना पर काम चल रहा है।
उससे ऐसे संकेत मिल रहे हैं केंद्र सरकार आगरा सहित पांच शहरों को स्वतंत्रता दिवस के उपहार के रूप में मेट्रो योजना का शिलान्यास कर सकती है।
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रेल इंडिया टेक्निकल एंड इंजीनियरिंग सर्विसेज (राइट्स) द्वारा मेट्रो की विस्तृत योजना रिपोर्ट (डीपीआर) को योगी कैबिनेट ने छह माह पहले ही मंजूरी मिल गई थी।
लेकिन केंद्र सरकार ने नई पालिसी के तहत कई अध्ययन कराए थे। इसकी वजह से करीब छह महीने का समय और लग गया है। अब केंद्र सरकार ने सहमति दे दी है।
इनवेस्टमेंट बोर्ड की मंजूरी को महज औपचारिकता माना जा रहा है। बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद प्रोजेक्ट को मोदी सरकार की कैबिनेट में रखा जाएगा, जहां से मंजूरी मिलते ही मेट्रो योजना पर धरातल पर काम शुरू हो जाएगा।
दो कॉरीडोर तैयार किए जाएंगे
करीब 10,830 करोड़ की इस परियोजना के अंतर्गत शहर में मेट्रो ट्रेन संचालन के लिए दो कॉरीडोर तैयार किए गए हैं। पहला कॉरीडोर सिकंदरा से ताजमहल पूर्वी गेट और दूसरा कॉरीडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार के बीच होगा। दोनों ही रूट पर 15-15 स्टेशन होंगे।
पहले कॉरीडोर की दूरी 14 किमी और दूसरे की 16 किमी होगी। इस तरह से मेट्रो शहर के 30 किमी के क्षेत्र में सफर कराएगी।परियोजना के अंतर्गत सबसे पहले ताजमहल और आईएसबीटी के बीच मेट्रो का कार्य शुरू होगा। इसके लिए पीएसी परिसर में यार्ड बनाने का फैसला हो चुका है।