आगरा के पहले कॉरिडोर के अंतिम तीन मेट्रो स्टेशन आईएसबीटी, गुरु का ताल और सिकंदरा के निर्माण पर 267 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सीगल इंडिया को 24 महीने में कार्य पूर्ण करना होगा। मिट्टी की जांच व सर्वे कार्य बृहस्पतिवार से शुरू हो गया। मई के अंतिम सप्ताह में पहला पाइल बनेगा।
ताज पूर्वी गेट से सिकंदरा तक 14.25 किमी. लंबा पहला मेट्रो कॉरिडोर है। जिसमें छह एलिवेटेड और सात भूमिगत कुल 13 स्टेशन बनने हैं। तीन एलिवेटेड ताज पूर्वी गेट, बसई और फतेहाबाद रोड के अलावा तीन भूमिगत ताजमहल, आगरा फोर्ट और मनकामेश्वर पर मेट्रो संचालन शुरू हो चुका है।
बाकी चार भूमिगत एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा की मंडी और आरबीएस स्टेशन के लिए सुरंग की खुदाई चल रही है। इस बीच, बाकी तीन एलिवेटेड आईएसबीटी, गुरु का ताल और सिकंदरा के लिए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसीएल) ने सीगल इंडिया को 267 करोड़ रुपये में ठेका दिया है।
ठेकेदार फर्म ने बृहस्पतिवार को खंदारी पर रैंप के लिए मिट्टी की जांच शुरू कर दी। पूर्व में यूपीएमआरसीएल ने मिट्टी की जांच कराई थी। अब ठेकेदार फर्म दोबारा नमूने ले रही है। मार्च 2026 तक ठेकेदार को तीनों एलिवेटेड स्टेशन का निर्माण पूर्ण करना है। टेंडर की शर्त में समय सीमा शामिल है। आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट के डायरेक्टर अरविंद राय के अनुसार अंतिम तीन स्टेशन बनने से पहले कॉरिडोर का कार्य पूर्ण हो जाएगा।
खंदारी पर बनेगा रैंप
भूमिगत आरबीएस कॉलेज से एलिवेटेड आईएसबीटी स्टेशन को जोड़ने के लिए खंदारी पर रैंप बनेगा। आईएसबीटी स्टेशन फ्लाईओवर के पास बनेगा। वहीं, गुरु का ताल और सिकंदरा स्टेशन का निर्माण हाईवे पर होगा। उन्होंने कहा मई के अंतिम सप्ताह तक पहली पाइल तैयार हो जाएगी। कास्टिंग यार्ड में एलिवेटेड ट्रैक के लिए वायडक्ट बनेगी।