उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने पहले कॉरिडोर के लिए किराया जारी कर दिया है। इसमें ताज पूर्वी से सिकंदरा तक 40 रुपये में सफर कर सकेंगे। अगले साल अप्रैल से ताज पूर्वी से आरबीएस कॉलेज स्टेशन तक मेट्रो का संचालन होगा। ऑटो के मुकाबले मेट्रो का सफर सस्ता पड़ेगा।
यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि पहला कॉरिडोर ताज पूर्वी से सिकंदरा तक बन रहा है। इसकी दूरी करीब 14 किमी है और इसमें 13 स्टेशन हैं। इसमें से छह स्टेशन बीते साल बन गए थे, जिस पर ताज पूर्वी से मन:कामेश्वर स्टेशन तक मेट्रो चल रही है।
इसके अगले स्टेशन एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजामंडी और आरबीएस कॉलेज स्टेशन भूमिगत हैं। अगले साल अप्रैल में आरबीएस स्टेशन तक मेट्रो ट्रेन चलेगी। इसके लिए 40 रुपये में पूरा सफर हो सकेगा। आईएसबीटी, गुरु का ताल और सिंकदरा एलिवेटेड हैं। इसका कार्य भी अगले साल दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। दूसरे कॉरिडोर की बात करें तो आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक मेट्रो ट्रैक बनाया जा रहा है। यह एलिवेटेड ट्रैक है।
इसकी दूरी करीब 16 किमी है। इसमें 14 स्टेशन हैं। इसमें पहले चरण में आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक और दूसरे चरण में आगरा कॉलेज से कालिंदी विहार तक ट्रैक बन रहा है। अगले साल दिसंबर तक ये कॉरिडोर भी पूरा होने की उम्मीद है। इस तरह से 30 किमी का सफर 60 रुपये में मेट्रो से किया जा सकता है। ऑटो के मुकाबले मेट्रो ट्रेन का सफर सस्ता होने के साथ ही जाम से भी मुक्ति मिलेगी। ताज पूर्वी से सिकंदरा तक जाने में ऑटो से करीब 80 रुपये खर्च हो जाएंगे।
एक देश-एक कार्ड से किराया में 10 फीसदी की छूट
यूपीएमआरसी एक देश एक कार्ड (एनसीएमसी) योजना भी लेकर आई है। इसमें कार्ड बनवाने पर किराये में 10 फीसदी की छूट मिलती है। ये कार्ड मेट्रो के सभी स्टेशन पर मान्य है। इससे टिकट लेने के लिए लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसका स्मार्ट कार्ड की तरह उपयोग कर सकते हैं।
ये जारी किया है किराया:
एक स्टेशन तक: 10 रुपये
दो स्टेशन तक: 15 रुपये
3 से 6 स्टेशन तक: 20 रुपये
7 से 9 स्टेशन तक: 30 रुपये
10 से 13 स्टेशन तक: 40 रुपये
14 से 17 स्टेशन तक: 50 रुपये
18 या इससे अधिक स्टेशन: 60 रुपये
ऑटो से सस्ता पड़ेगा मेट्रो का सफर
ताज पूर्वी से सिकंदरा तक मेट्रो ट्रेन में 40 रुपये का किराया लगेगा। ये ऑटो के मुकाबले सस्ता है। ऑटो में 80-100 रुपये खर्च होंगे। मेट्रो से कम समय में सफर हो पाएगा, जबकि ऑटो या बस में जाम से भी जूझना पड़ेगा।