उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल काॅरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने एलिवेटेड स्टेशन बनाने का कार्य तेज कर दिया है। गुरु के ताल स्टेशन के लिए हाईवे की आधी लेन बंद कर बैरिकेडिंग कर दी है। इनमें मिट्टी की जांच की जाएगी। अगले साल मार्च तक सिकंदरा स्टेशन तक मेट्रो ट्रेन का सफर हो सकेगा।
यूपीएमआरसी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय ने बताया कि आईएसबीटी, गुरु का ताल और सिकंदरा एलिवेटेड स्टेशन हैं। इसमें आईएसबीटी स्टेशन का कार्य लगभग 80 फीसदी पूरा हो गया है। अब गुरु का ताल स्टेशन के लिए मिट्टी की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। हाईवे पर बैरिकेडिंग कर रहे हैं, इनमें मिट्टी की जांच पूरी होने के बाद पिलर बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके अगले स्टेशन सिकंदरा के लिए मिट्टी की जांच प्रक्रिया पूरी होने वाली है। अगले साल मार्च में पहला कॉरिडोर पूरा करने की योजना है।
एसएन-मन:कामेश्वर स्टेशन के बीच खुदाई शुरू
आरबीएस स्टेशन, राजामंडी स्टेशन और आगरा कॉलेज स्टेशन भूमिगत स्टेशन का निर्माण हो चुका है। इसमें सिविल कार्य चल रहा है। पटरी बिछाने की प्रक्रिया भी चल रही है। एसएन से मन:कामेश्वर स्टेशन के बीच सुरंग की खुदाई भी शुरू हो गई है। दरअसल, बिजलीघर क्षेत्र में रेलवे की पटरी गुजरने के कारण सुरंग की खुदाई के लिए रेलवे से अनुमति नहीं मिली थी, जिसके कारण दो महीने से सुरंग बनाने का कार्य बंद था। अभी 800 मीटर खुदाई रुकी हुई है। यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि रेलवे से अनुमति मिलने के बाद खुदाई का कार्य तेजी से किया जाएगा। अगस्त के अंत में ताज पूर्वी से आरबीएस स्टेशन तक मेट्रो का संचालन होने लगेगा।