टेस्ट ट्रैक पर ही मेट्रो ट्रेन के सिग्नल व ब्रेकिंग सिस्टम का ट्रायल होगा। सिकंदरा से ताज पूर्वी गेट तक 14 किमी. लंबा पहला कॉरिडोर बन रहा है। इसमें छह स्टेशन के बीच 2024 तक मेट्रो चलाने का लक्ष्य है।
आगरा मेट्रो का कार्य तेजी से चल रहा है। पीएसी मैदान में मेट्रो ट्रेन के ट्रायल के लिए 700 मीटर लंबा टेस्ट ट्रैक तैयार हो गया है। पूरे परिसर में करीब तीन किमी. ट्रैक बिछाया जाएगा। 112 करोड़ रुपये से बन रही पहली डिपो में 80 फीसदी सिविल कार्य पूरा हो चुका है। दिसंबर, 2022 तक डिपो तैयार हो जाएगी। यहां से पहले कॉरिडोर पर चलने वाले कोच का संचालन होगा।
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उच्च गुणवत्ता का रखा गया ध्यान
टेस्ट ट्रैक पर ही मेट्रो ट्रेन के सिग्नल व ब्रेकिंग सिस्टम का ट्रायल होगा। सिकंदरा से ताज पूर्वी गेट तक 14 किमी. लंबा पहला कॉरिडोर बन रहा है। इसमें छह स्टेशन के बीच 2024 तक मेट्रो चलाने का लक्ष्य है। सबसे पहले पीएसी मैदान में डिपो बन रही है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने बताया कि आगरा की मेट्रो गुजरात के सावली शहर में बन रही है। वहां से कोच आगरा आएंगे। उन्होंने बताया कि मेट्रो ट्रैक में उच्च गुणवत्ता का ध्यान रखा गया है। डिपो में ही ट्रेन का रखरखाव होगा।
डिपो से होगा ट्रेन का संचालन
आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय ने बताया कि इंटीग्रेटेड वर्कशॉप, स्टेबलिंग शेड, ऑटो कोच वॉश सेंटर, पंप रूम, दमकल के लिए पानी का टैंक आदि का काम पूरा हो चुका है। मेट्रो की सफाई के लिए मशीन स्थापित होनी है। उन्होंने बताया कि डिपो में पांच बिल्डिंग तैयार हो गई हैं। ट्रेन का संचालन डिपो से होगा। इसके लिए डिपो में स्कॉडा सिस्टम लगाया जाएगा। कालिंदी विहार से आगरा कैंट रेलवे स्टेशन तक बनने वाले दूसरे कॉरिडोर के लिए डिपो कालिंदी विहार में बनाई जाएगी।