आगरा की मेयर हेमलता दिवाकर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शून्य सहनशीलता की नीति के ठीक उलटअपना ओएसडी उसे बनाया, जिसके खिलाफ नगर निगम में रहते हुए 238 करोड़ रुपये की संपत्ति जुटाने का आरोप लगा है। बुधवार शाम को मेयर ने राकेश बंसल को अपना ओएसडी बनाने का आदेश जारी किया। भाजपा के ही छावनी क्षेत्र के विधायक डॉ. जीएस धर्मेश ने राकेश बंसल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। बृहस्पतिवार को नगर निगम में बसपा के पार्षदों ने मेयर हेमलता दिवाकर का नियुक्ति आदेश दिखाकर नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल से विरोध दर्ज कराया, तो आम आदमी पार्टी के कपिल वाजपेयी ने भी विरोध किया।
बसपा पार्षद दल नेता सुहैल कुरैशी के नेतृत्व में नगर आयुक्त से मिलने गए पार्षदों ने कहा कि नगर निगम के पूर्व कर्मचारी राकेश बंसल पर 238 करोड़ रुपये की संपत्ति भ्रष्टाचार से बनाने के आरोप हैं। उन्हें पूर्व नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने निकाल दिया था। जब तक विजिलेंस जांच में वह निर्दोष साबित न हो जाएं, तब तक उन्हें निगम के हर मामले से दूर रखा जाए। पार्षद सुनील शर्मा ने राकेश बंसल को मेयर का ओएसडी बनाए जाने पर विरोध जताया और कहा कि अगर आदेश वापस न लिया गया तो बसपा पार्षद विरोध करेंगे।
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