कानपुर में यूनियन बैंक ही नहीं बल्कि आगरा में भी बैंकों के अंदर लॉकर टूटने और सामान चोरी होने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। लॉकर में क्या रखा है, इसका ब्यौरा न होने के कारण बैंक भरपाई से पल्ला झाड़ लेते हैं।
बैंक लॉकर के सुरक्षित होने का दावा किया जाता है, लेकिन जब भी लॉकर में सामान रखें तो इंश्योरेंस करा लें। हालांकि आभूषण या अन्य कीमती सामान के कागजी ब्यौरे में आने के डर से लोग इंश्योरेंस नहीं करा रहे।
ज्यादातर बैंकों में लॉकर की सुविधा रहती है। स्ट्रांग रूम में अच्छे लॉकर, इलेक्ट्रोनिक निगरानी सिस्टम, अलार्म सिस्टम और सुरक्षा के अत्याधुनिक उपाय होते हैं, लेकिन चोरी, डकैती या लॉकर तोड़ने के मामलों में बैंक भरपाई नहीं करते।