बारिश ने भले ही शहरी क्षेत्र के लोगों को राहत दी है, लेकिन किसान परेशान हैं। आसमान में छाए बादल किसानों को डरा रहे हैं, क्योंकि अभी गेहूं की फसल पककर तैयार है। ऐसे में यदि बारिश हो जाती है, तो किसान को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
आगरा में सुबह से बादल छाने से मौसम सुहाना बना हुआ है। विगत रात हुई बारिश से मौसम में ठंडक रही। विगत दिनों की दोपहर की तेज धूप से लोगों को राहत मिली। 40 डिग्री के पास पहुंच चुका तापमान नीचे आया और पूरे दिन मौसम सुहाना बना रहा। मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को भी बारिश के आसार बने रहेंगे। वहीं इस मौसम में बारिश किसानों के लिए बड़ी चिंता बनी हुई है।
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शुक्रवार को दिन में बादलों के छाने के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दिन में पारा 36.4 डिग्री रहा, वहीं न्यूनतम तापमान 18.7 डिग्री रहा। दिन में भी ठंडी हवाओं ने लोगों को गर्मी से राहत दी। बता दें इस माह में चार बार बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग के मुताबिक मार्च के आखिरी दिन भी बारिश के आसार बने रहेंगे। दिन में बादलों की लुकाछिपी होती रहेगी। दो बार छिटपुट बारिश के आसार रहेंगे।
मैनपुरी में ओलावृष्टि के अलर्ट ने उड़ाई नींद, हुई बूंदाबांदी
मैनपुरी में ओलावृष्टि और बारिश के अलर्ट ने किसानों की नींद उड़ा दी है। कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा जारी मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार दो दिन तक बारिश का खतरा बना रहेगा। अगर बारिश हुई तो खेतों में खड़ी गेहूं की फसल के साथ ही थ्रेसिंग के लिए रखी सरसों की फसल में भी नुकसान होगा। वहीं बृहस्पतिवार को भी दिन में बादल छाए रहे कुछ क्षेत्रों में बूंदाबांदी भी हुई।
बीते एक सप्ताह से जिले में मौसम साफ रहने से किसानों ने राहत की सांस ली थी। उन्हें उम्मीद थी कि अब गेहूं की फसल तैयार होने तक मौसम खराब नहीं होगा। लेकिन बृहस्पतिवार को बदले मौसम ने एकबार फिर किसानों को मुसीबत में डाल दिया है। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट बदली तो आसमान में बादल छा गए। कुछ क्षेत्रों में छिटपुट बूंदाबांदी भी हुई। हालांकि इससे किसानों को कोई परेशानी नहीं हुई। असली परेशानी तो तब शुरू हुई जब कृषि विज्ञान केंद्र से मौसम का पूर्वानुमान जारी किया गया।
ओलावृष्टि और बारिश की आशंका
पूर्वानुमान के अनुसार 31 मार्च को जहां ओलावृष्टि और बारिश की आशंका जताई गई है तो वहीं एक अप्रैल को भी हल्की बारिश हो सकती है। ऐसे में किसान परेशान हैं। क्योंकि अगर ओलावृष्टि होती है तो गेहूं और सरसों की फसल में किसानों को बड़ा नुकसान उठाना होगा। मौसम वैज्ञानिक नरेंद्र कुमार वर्मा ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी पड़ी सरसों को सुरक्षित स्थान पर पहुुंचाएं। साथ ही गेहूं की फसल की सिंचाई फिलहाल रोक दें। क्योंकि यदि गेहूं में नमी होगी तो फसल गिर जाएगी।