ब्रश एंड क्लीनिंग प्रोडक्ट एसोसिएशन
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यूरोप के बाजार में आगरा में बने ब्रश धाक जमाएंगे। यहां पर इटली की तकनीक से ब्रश एवं क्लीनिंग उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इसके लिए सोमवार को ब्रश एंड क्लीनिंग प्रोडक्ट एसोसिएशन ने न्यू आगरा स्थित होटल में यूरोपीय विशेषज्ञों के साथ संवाद किया। इसमें आगरा के ब्रश उद्योग में विदेशी तकनीक का समावेश कर इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढालने पर चर्चा की गई। विदेशी तकनीक अपना कर लागत घटाने और गुणवत्ता बेहतर बनाने पर सहमति बनी।
संवाद के तकनीकी सत्र में इटली से आए विशेषज्ञ जियान लुका और जय सिंघवी ने स्थानीय उद्यमियों को यूरोपीय तकनीक से रूबरू कराया। उन्होंने बताया कि यूरोपीय मशीनों और प्रक्रियाओं के माध्यम से कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाले ब्रश तैयार कर यूरोपीय पैकेजिंग तकनीक अपनाने पर जोर दिया और कहा कि इससे भारतीय ब्रश चीन और अन्य देशों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कड़ी टक्कर दे सकेंगे।
मुख्य अतिथि संयुक्त आयुक्त उद्योग अनुज कुमार ने उद्योग की विरासत को देखते हुए इसे एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना और जिओ टैगिंग से जोड़ने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि 100 साल पुराने उद्योग को सरकारी नीतियों का सीधा लाभ दिलाने का प्रयास होगा। लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सचिव दीपक अग्रवाल ने कहा कि ब्रश एवं क्लीनिंग उत्पाद उद्योग भारत को आत्मनिर्भर बनाने और निर्यात बढ़ाने में सोने का शेर साबित हो सकते हैं।
पांच देशों में हो रहा निर्यात, अब यूरोप पर नजर
एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित मोरियानी ने बताया कि आगरा में बना ब्रश नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, यूएई और अफ्रीकी देशों में निर्यात हो रहा है। अब यूरोपीय तकनीक अपनाकर निर्यात पर फोकस किया जाएगा। सचिव नितिन अग्रवाल ने सुधारों और नीतिगत लाभों के लिए जिओ टैगिंग की जरूरत बताई। लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल ने कहा फ्री ट्रेंड एग्रीमेंट के बाद यूरोपीय बाजारों तक भारतीय उत्पादों की पहुंच आसान हो जाएगी। इस दौरान कोषाध्यक्ष वासु अग्रवाल, मुकेश आहूजा शैलेंद्र गुप्ता और अंकित अग्रवाल आदि मौजूद रहे।