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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे: सर्दियों में इतनी रहेगी वाहनों की रफ्तार, हादसे की होगी ड्रोन से रिकाॅर्डिंग

Thu, 13 Nov 2025 10:40 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हादसा रोकने के लिए कवायद जारी है। दुर्घटना संबंधी डेटा विश्लेषण के लिए डेटा एनालिस्ट की नियुक्ति की जाएगी। एक्सप्रेस-वे पर और अधिक वे-साइड सुविधाएं विकसित की जाएगी।
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आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे।
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विस्तार
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर शीतकाल में वाहनों की अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे से घटकर 75 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। लखनऊ में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की बैठक में सड़क सुरक्षा के मद्देनजर रफ्तार में कमी की गई है। दरअसल, रात 12 बजे से सुबह 8 बजे तक 70 प्रतिशत सड़क हादसे होते हैं। बैठक में तय हुआ कि हर हादसे की ड्रोन से रिकॉर्डिंग भी होगी। फुटेज से दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों की वैज्ञानिक जांच और विश्लेषण संभव हो सकेगा।
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मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीपक कुमार ने कहा कि नया सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा। पिछली बार यह वर्ष 2019 में हुआ था। दुर्घटना संबंधी डेटा विश्लेषण के लिए डेटा एनालिस्ट की नियुक्ति की जाएगी। एक्सप्रेस वे पर और अधिक वे-साइड सुविधाएं विकसित की जाएगी। एक्सप्रेस वे के सेन्ट्रल मीडियन पर क्रैश बैरियर लगेगा, जिस पर 90 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर अब ई-मॉनिटरिंग की जाएगी। बैठक में अधिवक्ता केसी जैन ने सुझाव दिया कि एक्सप्रेस वे पर मृतकों को 5 लाख रुपये का मुआवजा राहत के रूप में दिया जाए। इसके लिए प्रति वाहन 10 रुपये अतिरिक्त टोल के रूप में ले लिए जाएं।
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यह हैं आंकड़े
-7,024 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं चार साल में
-54.7 प्रतिशत हादसे झपकी के कारण
-8,355 लोग सड़क हादसों में घायल हुए
-811 लोगों की जा चुकी है जान
-4264 कार दुर्घटनाओं में घायल
-9.8 प्रतिशत दुर्घटनाएं ओवरस्पीडिंग
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