यदि आप गलती से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के सर्विस रोड पर पहुंच रहे हैं तो वापस लौट आइए। क्योंकि एकाध किलोमीटर नहीं बल्कि, 15 किमी से अधिक दूरी तक सर्विस रोड पर चलना खतरे से खाली नहीं है।
तेज बारिश में मिट्टी बह जाने से जगह-जगह से खोखली तो ही गई है, कई जगह तो खाई सी बन गई हैं। ऐसे में जरा सी चूक हादसे का सबब बन सकती है। इसकी मरम्मत में भी महीनों लग जाएंगे।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है। 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत को सपा सरकार ने जनता के सामने बड़ी उपलब्धि के रूप में रखा था।