आगरा लूटकांड: असिस्टेंट कमिश्नर अजय कुमार, वाणिज्य कर अधिकारी शैलेंद्र कुमार
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आगरा में चांदी कारोबारी से 43 लाख रुपये की लूट के मामले में फरार वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर अजय कुमार, अधिकारी शैलेंद्र कुमार और निजी गाड़ी का चालक दिनेश कुमार पुलिस के हाथ नहीं आ सके हैं। उनकी तलाश में पुलिस ने लखनऊ और वाराणसी में भी दबिश दी, लेकिन अधिकारी हाथ नहीं आ सके। अब पुलिस आरोपी अधिकारियों के घरों की कुर्की कराने की तैयारी में लगी है। इसके लिए कोर्ट में जल्द ही प्रार्थनापत्र दिया जाएगा।
मथुरा के गोविंद नगर निवासी प्रदीप अग्रवाल की विनायक ट्रेडर्स के नाम से फर्म है। वह 30 अप्रैल की रात अपने चालक राकेश के साथ बिहार से व्यापार करके आगरा आ रहे थे। उनके पास कार में बैग के अंदर चांदी बिक्री के 43 लाख रुपये रखे हुए थे। लखनऊ एक्सप्रेस वे के फतेहाबाद टोल पर जीएसटी अधिकारियों ने कार को रोक लिया था।
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आरोप है कि जीएसटी अधिकारियों ने कारोबारी को जयपुर हाउस स्थित कार्यालय ले जाकर 43 लाख रुपये लूट लिए थे। कारोबारी को जेल भेजने की धमकी दी थी। बाद में कारोबारी ने व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष से शिकायत की थी। इसके बाद ही थाना लोहामंडी में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने एक सिपाही को जेल भेजा था। अधिकारी और निजी चालक हाथ नहीं आ सके हैं।
सीओ सदर राजीव कुमार ने बताया कि आरोपी अधिकारियों की तलाश लखनऊ और वाराणसी तक में की जा चुकी है। उन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया जा चुका है। वारंट भी लिए जा चुके हैं। इसके बाद भी लूट के आरोपी वाणिज्य कर के अधिकारी हाथ नहीं आ सके हैं। उनकी तलाश में टीम लगी है। जल्द ही आरोपियों के घरों की कुर्की के लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया जाएगा।