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'भारत की पहचान ताजमहल से नहीं, त्याग से है, अंग्रेजों ने इतिहास को किया विकृत'

Wed, 16 Oct 2019 12:03 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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आगरा कॉलेज मैदान पर आयोजित संगोष्ठी में डॉ बालमुकुंद पांडेय - फोटो : अमर उजाला
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आगरा कॉलेज मैदान में चल रहे आगरा साहित्य उत्सव 2019 में मंगलवार को 'भारतीय इतिहास के विविध पक्षों में गौरव का उन्नयन' विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के डॉ. बालमुकुंद पांडे ने कहा कि भारत की पहचान ताज से नहीं, त्याग से है। अंग्रेजों ने दास बनाने और अपमानित करने के मकसद से हमारे इतिहास को विकृत किया। इससे हम अपमानित होकर, स्वाभिमान शून्य होकर रह गए। 
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उन्होंने कहा कि भारत दुनिया को रास्ता दिखाने वाला देश रहा है। हमने दुनिया को शिल्पकारी दी है। काफी ऐसे कारण है जिससे हमारे युवाओं को ऐसे अपमानित इतिहास में कोई रुचि नहीं रहती है। संगोष्ठी का संचालन डॉ. तरुण शर्मा ने किया। इस दौरान कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित, पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम विकास संस्थान के निदेशक प्रो. सुगम आनंद ने भी विचार व्यक्त किए। 

शाम को माहौल हुआ भक्तिमय 

आगरा साहित्य उत्सव में दिल्ली की भजन गायिका शिवांगी शर्मा ने समा बांध दिया। शिवांगी के साथ प्रिंस सोलंकी, भीम शिरोमणी, पंकज चित्तौड़िया ने अपने भजनों से दर्शकों को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। इस दौरान विधायक योगेंद्र उपाध्याय, पूरन डाबर, रिया शर्मा, शिराज खान, नितेश जैन आदि उपस्थित रहे। 
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21 राज्यों के पारंपरिक परिधान दिखे 

संस्कार भारती कला साधिका संस्था की ओर से आगरा साहित्य उत्सव में पारंपरिक परिधान शो आयोजित किया गया। इसमें 21 राज्यों के परिधानों की प्रस्तुति संस्कार भारती कला साधिकाओं की ओर से की गई। कार्यक्रम का संचालन नूतन अग्रवाल ने किया। 

पिंक बेल्ट मिशन ने युवतियों में जगाया जोश 

महिला सशक्तिकरण पर इंटरनेशनल मोटीवेशनल स्पीकर और पिंक बेल्ट मिशन की संस्थापिका अपर्णा राजावत ने कहा कि पिंक बेल्ट के माध्यम से देश में लाखों युवतियों को अपनी सुरक्षा स्वयं करने के लिए खड़ा किया गया है। यह युवतियां अन्य को प्रशिक्षण दे रही हैं। उन्होंने कहा वक्त के साथ समाज को भी अपनी विचारधारा में बदलाव लाना होगा। 
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