तब थाने, अब चौकी
आगरा में 31 थाने 1905 तक हुआ करते थे। इनमें अहारन, रुनकता भी थाने थे। मगर, अब यह चौकी हैं। अहारन चौकी बरहन क्षेत्र में आती है। इसका सर्किल एत्मादपुर है। वहीं रुनकता की जगह सिकंदरा बन गया। रुनकता रिपोर्टिंग चौकी है। इसे थाना बनाने का प्रस्ताव है।
घोड़े पर होती थी गश्त
मंटोला के रहने वाले डा. शिराज कुरैशी बताते हैं कि अंग्रजी शासन में घुड़सवार पुलिस की संख्या अधिक थी। पुलिसकर्मी गश्त घोड़ों से ही करती थी। अब घुड़सवार पुलिस कम हो गई। इनकी जगह बाइक और कार आ गईं।
आगरा में 75वें एसपी-डीआईजी के बाद कमिश्नर
आगरा में कमिश्नरेट व्यवस्था लागू हो गई है। देश आजाद होने के बाद अगर आगरा में पुलिस कप्तान की बात करें तो 75 की तैनाती हो चुकी है। इनमें एसपी, एसएसपी और डीआईजी स्तर के अधिकारी रहे हैं। वर्ष 1952 में एचके कार एसएसपी बने थे। वह वर्ष 1954 तक रहे। उनके बाद एमसी त्यागी आए। वह वर्ष 1955 तक रहे। बसपा शासन में डीआईजी तैनात किए गए। इनमें प्रेम प्रकाश वर्ष 2009 में चार महीने रहे। वर्तमान में एसएसपी प्रभाकर चौधरी हैं। उन्होंने 28 जून 2022 को चार्ज लिया था। अब पुलिस कमिश्नर की तैनाती होगी।