पीएम सेतु योजना के तहत बल्केश्वर आईटीआई को हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें निजी इंडस्ट्री पार्टनर की 51% हिस्सेदारी होगी। जिले की छह अन्य क्लस्टर आईटीआई भी आधुनिक जरूरतों के अनुसार अपग्रेड होंगी, जिससे युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
प्रधानमंत्री सेतु योजना के तहत जिले में कौशल विकास को नई दिशा मिलने जा रही है। इसके तहत नोडल बल्केश्वर आईटीआई को एक हब के रूप में विकसित किया जाएगा। संचालन में निजी इंडस्ट्री पार्टनर की सबसे बड़ी (51 प्रतिशत) हिस्सेदारी होगी। इस मॉडल के जरिये जिले की छह अन्य क्लस्टर आईटीआई को उद्योगों की आधुनिक जरूरतों के अनुसार अपग्रेड किया जाएगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
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पीएम सेतु मॉडल के तहत बल्केश्वर आईटीआई में निजी इंडस्ट्री पार्टनर की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि केंद्र सरकार और राज्य सरकार की हिस्सेदारी 24.5-24.5 प्रतिशत रहेगी। इंडस्ट्री पार्टनर के चयन के बाद संस्थान में प्रशिक्षण व्यवस्था, आधुनिक तकनीक और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप उन्नत किया जाएगा। आईटीआई के जॉइंट डायरेक्टर संजय सागर ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य आईटीआई में दिए जाने वाले प्रशिक्षण को सीधे उद्योगों की मांग से जोड़ना है, ताकि छात्र कोर्स पूरा करते ही रोजगार पाने में सक्षम हो सकें। इस मॉडल में संस्थान और उद्योगों के बीच सीधा तालमेल रहेगा, जिससे छात्रों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और प्लेसमेंट के बेहतरीन अवसर मिलेंगे।
इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में कोई भी प्रतिष्ठित इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर उपक्रम, इंडस्ट्री एसोसिएशन, इंडस्ट्री-लेड फाउंडेशन या एकेडमिक रिसोर्स से जुड़े संस्थान आवेदन कर सकते हैं। चयनित पार्टनर आईटीआई में बुनियादी ढांचे के विकास और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि बल्केश्वर आईटीआई के लिए इंडस्ट्री पार्टनर के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इच्छुक संस्थानों और इंडस्ट्री पार्टनर के लिए बिड जमा करने की अंतिम तिथि 5 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इसके बाद चयनित पार्टनर के साथ मिलकर संस्थान के कायाकल्प और संचालन की आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।