अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने से ताजनगरी के पर्यटन कारोबार को परवाज मिलने की उम्मीद है। दो साल से उड़ानें बंद होने की वजह से विदेशी सैलानी नहीं आ पा रहे थे। अब टूर ऑपरेटरों के पास विदेशी सैलानियों की एडवांस बुकिंग आना शुरू हो चुकी हैं।
कोरोना से पहले 50 लाख से ज्यादा भारतीय और करीब 10 लाख विदेशी पर्यटक हर साल आगरा आते थे। कोरोना संक्रमण के दौरान ताजमहल सहित सभी स्मारकों को बंद कर दिया गया था। संक्रमण कम होने के बाद स्मारक तो खुले लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद रहीं, इस कारण विदेशी पर्यटकों की संख्या दो फीसदी से भी कम रही।
विदेशी सैलानियों के ठहराव से ताजनगरी को अधिक लाभ मिलता है। वे स्मारकों के भ्रमण के अलावा खरीदारी भी करते हैं। इससे एंपोरियम, होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों के व्यापार को बढ़ावा मिलता है। आगरा में हालांकि अभी तक कोई सीधी उड़ान नहीं है, पर्यटक दिल्ली होकर यहां आते हैं।
सितंबर तक की एडवांस बुकिंग
अकबरान टूर के प्रोपराइटर सुमित उपाध्याय ने बताया कि लगभग दो साल के अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू हो चुकी हैं। यही कारण है कि हमारे पास भी अमेरिकन देशों से एडवांस बुकिंग आना शुरू हो गई हैं। अप्रैल से सितंबर तक की एडवांस बुकिंग अभी तक आ चुकी हैं। निश्चित ही इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
अक्तूबर का सीजन बेहर होने की उम्मीद
अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू होने के साथ ही आगरा भ्रमण के लिए विदेशों से एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी हैं। इस सीजन में भले ही विदेशी कम आएं, लेकिन अक्तूबर से शुरू होने वाला सीजन बेहतर होने की उम्मीद है। - सुशील कुमार, प्रोपराइटर ताज वॉयेज इंडिया
विदेशी आएंगे तो पर्यटन बढ़ेगा
अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने से ताजनगरी में विदेशी सैलानियों का आवागमन बढ़ेगा। दिल्ली से ही बड़ी संख्या में टूरिस्ट आता है। ऐसे में सीजन के बेहतर होने की उम्मीद जागी है। विदेशी मुद्रा भी देश में आएगी। दो साल से यहां का पर्यटन उद्योग मंदी से जूझ रहा है। - राजीव तिवारी, अध्यक्ष, कन्फेडेरेशन ऑफ टूरिज्म एसोसिएशंस