खेत में विश्वनाथ के हाथ में तमंचा देखकर दरोगा प्रशांत पीछा करने लगे। यह देखकर विश्वनाथ ने दरोगा को गोली मार दी। इससे उनकी मौत हो गई। आरोपी भाग निकला था। पुलिस ने 27 मार्च को जैतपुर स्थित कमतरी पुल पर आरोपी विश्वनाथ को गिरफ्तार किया था। केस की विवेचना क्राइम ब्रांच ट्रांसफर की गई थी। एसपी आरए सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि चार्जशीट थाने आ गई है। इसमें आगे की कार्रवाई की जाएगी।
50 गवाह बने, आला कत्ल बरामद
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, चार्जशीट में 50 गवाह हैं। इनमें सुबह से लेकर शाम तक झगड़े के दौरान मौजूद लोग शामिल हैं। घटना के चश्मदीद गवाह भी हैं। आधे आलू लेने को लेकर भाइयों में विवाद हुआ था। शाम को दोबारा विवाद होने पर दरोगा पहुंचे थे। तब उनकी हत्या हुई। आरोपी मुठभेड़ में पकड़ा गया था। उससे एक तमंचा बरामद किया था। बाद में उसे रिमांड पर लिया गया। तब 32 बोर की पिस्टल बरामद की थी। तमंचे से हत्या की गई थी।
पुलिस ने दो दिन तक की थी घेराबंदी
आरोपी विश्वनाथ को पकड़ने के लिए पुलिस ने दो दिन तक घेराबंदी की थी। पुलिस की छह टीमों को लगाया गया था। आरोपी पैदल ही खंदौली से भाग गया था। अपने रिश्तेदारों के घर भी गया था। पुलिस वहां तक पहुंची थी। बाद में जैतपुर स्थित कमतरी के पुल पर आरोपी को घेर लिया गया था।
चार्जशीट क्राइम ब्रांच के निरीक्षक राजेश्वर त्यागी ने लगाई है। उन्होंने मजबूत लिखापढ़ी की है, जिससे आरोपी को सजा मिल सके। चार्जशीट को सीओ, एसपी के बाद एसएसपी के पास भेजा जाएगा। दरोगा मूलरूप से बुलंदशहर के छतारी के रहने वाले थे।