दशहरा वाले दिन प्रतिमा विसर्जन के दाैरान उटंगन नदी में डूबे खेरागढ़ के गांव कुसियापुर के एक और युवक करन (21) का शव रविवार शाम को मिल गया। सर्च ऑपरेशन में लगीं राज्य व राष्ट्रीय आपदा मोचन दल और सेना के जवानों ने ग्रामीणों की मदद से कंप्रेसर मशीन का प्रयोग कर गड्ढे से मिट्टी हटाकर शव बाहर निकाला। 6 लोग अब भी लापता हैं। उनकी तलाश के लिए सोमवार सुबह से अभियान चलाया जाएगा।
उटंगन नदी में 2 अक्तूबर को 12 लोग मूर्ति विसर्जन के दाैरान डूब गए थे। इनमें से तीन के शव घटना के कुछ घंटे बाद ही निकाल लिए गए थे। 3 अक्तूबर को दो और शव मिल गए थे। शनिवार को डूबे हुए युवकों को निकालने के लिए अस्थायी बांध बनाया गया है। मगर धाैलपुर के पार्वती बांध से 2107 क्यूसेक पानी छोड़ने की वजह से बांध डूब गया। वहीं जलस्तर भी 2 से 3 फीट तक बढ़ गया। इस कारण रविवार को पानी निकालने का काम शुरू नहीं हो सका। दूसरी तरफ बैरिकेडिंग भी नहीं की जा सकी।
इस कारण एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ ही सेना के स्कूबा डाइवर तलाश में जुटे रहे। शाम तकरीबन 6 बजे नदी में कंप्रेसर की मदद से मिट्टी हटाने का काम शुरू कराया गया। स्कूबा डाइवर के 30 मिनट तक मिट्टी हटाने से करन का शव बाहर आ गया। इस पर पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा ने बताया कि कंप्रेसर की मदद से मिट्टी को हटाया गया। तब एक मृतक के शव को निकाला गया है। रात होने की वजह से सर्च ऑपरेशन को रोक दिया गया। सोमवार सुबह 6 बजे से एक बार फिर से खोज की जाएगी।