आगरा के कालिंदी विहार में बेसिक सर्विसेज टू अर्बन पुअर (बीएसयूपी) योजना के तहत बनाए गए 272 भवनों के निर्माण में भ्रष्टाचार किया गया। आईआईटी रुड़की से जांच कराने पर भवनों के आरसीसी कॉलम में दरारें मिलीं। घटिया निर्माण सामग्री इस्तेमाल की गई। भवन रहने लायक नहीं पाए गए।
जांच के बाद आवास आयुक्त बलकार सिंह ने तत्कालीन अधिशासी अभियंता रोशन लाल आर्य, सहायक अभियंता जेपी गर्ग, डीके शर्मा, सत्येंद्र कुमार पचौरी व वर्तमान अधिशासी अभियंता नेहा सिंह से 5.25 करोड़ रुपये की वसूली के आदेश दिए हैं।वर्तमान में अधिशासी अभियंता नेहा सिंह तब सहायक अभियंता थीं। पांचों अभियंताओं से सरकारी धन की वसूली उनके वेतन और पेंशन से की जाएगी।
आवास विकास परिषद खंड-29 ने कालिंदी विहार में बीएसयूपी योजना के तहत 652 भवन बनाए थे जिनमें 360 भवन सही पाए गए। 272 में घटिया निर्माण सामग्री इस्तेमाल की गई। आवास विकास परिषद के अभियंताओं ने ठेकेदारों संग मिलकर भ्रष्टाचार किया। आईआईटी रुड़की की जांच में सामने आया कि बिल्डिंग ब्लॉक, सामुदायिक केंद्र, कियोस्क बिल्कुल भी उपयोग लायक नहीं थे।
इस वजह से 5.25 करोड़ रुपये सरकारी धन का नुकसान हुआ। इस गड़बड़ी के लिए तत्कालीन अभियंताओं को दोषी ठहराया गया था। कुछ अभियंता सेवानिवृत्त हो चुके हैं। पेंशन ले रहे हैं। ऐसे में पेंशन ले रहे अभियंताओं से नुकसान की भरपाई उनकी पेंशन से की जाएगी, जबकि वर्तमान में तैनात अभियंताओं से नुकसान की भरपाई उनके वेतन से वसूल की जाएगी।