किशोरी हत्याकांड: मृतका के गांव में एडीजी राजीव कृष्ण व पुलिस अफसर
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आगरा के सिकंदरा क्षेत्र के गांव में युवक और नाबालिग ने किशोरी की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी। रविवार को पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया। आरोपी गांव के ही निकले। यह जानकर हर कोई सन्न रह गया। इस घिनौने कृत्य के लिए लोग आरोपियों को कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। यही वजह है कि अब पुलिस आरोपियों को जेल भेजने के बाद ठोस पैरवी भी करेगी। एडीजी राजीव कृष्ण ने पुलिस अधिकारियों को चार्जशीट लगाने से लेकर कोर्ट में ठोस पैरवी के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं।
किशोरी की हत्या के मामले में एसएसपी बबलू कुमार ने एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद के साथ ही निरीक्षक कमलेश सिंह, अरविंद कुमार, अजय कौशल, नरेंद्र कुमार, एसआई राजकुमार गिरि, नीरज कुमार, अवनीत मान, राजीव कुमार, निशामक त्यागी, हेड कांस्टेबल आदेश त्रिपाठी, प्रशांत कुमार, करनवीर सिंह सहित आठ हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल को लगाया था। टीम ने गांव में ही कैंप किया। 40 से ज्यादा युवकों से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज देखे थे। इस पर पुलिस को सफलता मिली।
एडीजी राजीव कृष्ण और आईजी ए. सतीश गणेश खुद केस की मॉनीटरिंग कर रहे थे। एडीजी ने कहा कि केस में ठोस साक्ष्य जुटाए गए हैं। एक सप्ताह के अंदर चार्जशीट लगाने के निर्देश दिए हैं। इसे कोर्ट में भेजने के बाद प्रभावी पैरवी की जानी चाहिए। इसके लिए दिशा-निर्देश दिए हैं। जिन साक्ष्यों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फोरेंसिक लैब) भेजा है, उनकी रिपोर्ट जल्द मंगवाई जाएगी। सौ दिन के अंदर आरोपियों को सजा दिलाने का लक्ष्य रखा है। वहीं आईजी ने कहा कि केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलवाया जाएगा।