प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्मार्ट सिटी योजना के काम धरातल पर बेशक दिखाई नहीं दे रहे हों लेकिन खुशी की बात यह है कि देश के शहरों में आगरा को 24 वी रैंक हासिल हुई है।
उत्तर प्रदेश में आगरा वाराणसी के बाद दूसरे स्थान पर है। स्मार्ट सिटी निदेशालय की ओर से जारी सूची में बेहतर स्थान मिलने से नगर निगम और आगरा स्मार्ट सिटी लिमिटेड के कार्यालय में खुशी का माहौल था।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत 100 शहरों में काम चल रहा है। विकास कार्यों की गति के आधार पर भारत सरकार ने सर्वे कराया है। इसमें स्मार्ट सिटी के कार्यों को गति देने के मामले में नागपुर को पहला स्थान मिला है।
नगर निगम अागरा
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दूसरे नंबर वड़ोदरा, तीसरे पर अहमदाबाद, चौथे पर पुणे, पांचवें नंबर सूरत, छठवें स्थान पर रांची, सातवें पर उदयपुर, आठवें पर भुवनेश्वर, नौंवें स्थान पर देवनागिरी और दसवां स्थान नई दिल्ली म्यूनिसिपल कारपोरेशन को मिला है।
इस सूची में आगरा को 24 वां स्थान मिला है। स्मार्ट सिटी योजना में आगरा का चयन द्वितीय चरण में 2016 में हुआ था। नगर निगम के अधिकारी भाग्यशाली रहे कि सभी समय पर इनपुट भारत सरकार को भेज दिया।
अन्यथा भारत सरकार नंबर तो क्या देती अनुदान ही रोक देती। दरअसल, 15 दिन पहले भारत सरकार की ओर से ई-मेल आया था जिसमें स्मार्ट सिटी योजना की प्रगति की रिपोर्ट मांगी थी।
धरातल पर कोई काम नहीं
स्मार्ट सिटी के दफ्तर में किसी इस मेल पर ध्यान नहीं दिया। सोमवार को तीन बजे प्रजेंटेशन होना था। दोपहर करीब 1.30 बजे भारत सरकार के अधिकारी ने नगर आयुक्त को फोन किया कि आगरा स्मार्ट सिटी का इनपुट नहीं मिला है।
इस फोन से हड़कंप मच गया है। नगर आयुक्त ने तत्काल रिपोर्ट तैयारी की और पहले व्हाट्सएप भेजा और उसके ई-मेल भेजा। तब जाकर आगरा को प्रजेंटेशन में शामिल किया गया और दूसरा स्थान मिला है।
नगर निगम को स्मार्ट सिटी रैकिंग में बेशक देश में 24 वां और प्रदेश में दूसरा स्थान मिल गया हो लेकिन हकीकत यह है कि शहर में अभी तक कोई काम दिखाई नहीं दे रहा है।