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UP: डीएम 90 फीसदी अंकों से पास...फिर भी 1,342 फरियादी निराश; जानें क्या कहती है आईजीआरएस रिपोर्ट

Wed, 13 May 2026 12:39 PM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आईजीआरएस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की अप्रैल रिपोर्ट में आगरा प्रशासन को बेहतर अंक और 33वीं रैंक मिली, लेकिन 1342 शिकायतकर्ताओं ने निस्तारण पर असंतोष जताया। रिपोर्ट ने प्रशासन के कागजी प्रदर्शन और जमीनी संतुष्टि के बीच बड़ा अंतर उजागर किया।
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आईजीआरएस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आईजीआरएस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर आने वाली जन शिकायतों के निस्तारण की स्थिति अधिकारियों के लिए अच्छी, जबकि फरियादियों के लिए खराब है। प्रदेश में 75 जिलों में अप्रैल माह में जिलाधिकारी आगरा को 33वीं रैंक हासिल हुई है। रिपोर्ट में कुल 140 में से 126 यानी 90% अंक मिले हैं। फिर भी 1,342 फरियादी ऐसे हैं जो निस्तारण से नाखुश हैं।
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अप्रैल 2026 की मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार कागज़ों में गुणवत्ता के मोर्चे पर प्रशासन का प्रदर्शन बेहतर रहा है। उच्चाधिकारियों ने श्रेणीकृत किए कुल 136 शिकायतों और मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जांचे गए 25 संदर्भों में से कोई भी सी (खराब) श्रेणी में नहीं मिला। शिकायतों की मार्किंग और अग्रसारण में लगने वाला औसत समय मात्र 0.26 दिन रहा है। जो शिकायतों को लेकर प्रशासन की कागजी तत्परता को दर्शाता है।



 

वहीं, अधीनस्थों के कार्यों के रैंडम श्रेणीकरण में भी 30 के मासिक लक्ष्य के सापेक्ष 44 (146.67%) संदर्भों की जांच पर शत प्रतिशत अंक हासिल हुए हैं। जनता का फीडबैक: 32% लोग अब भी असंतुष्ट प्रशासनिक दावों की असली परीक्षा जनता का फीडबैक है। अप्रैल माह में कुल 4,144 शिकायतकर्ताओं का फीडबैक प्राप्त किया गया। इनमें से 2,802 (67.62%) लोगों ने शिकायत निस्तारण पर संतोष जताया। हालांकि, चिंता का विषय यह है कि 1,342 लोगों ने कार्रवाई को असंतोषजनक करार दिया है।

 

अधिकारियों की फील्ड विजिट और संपर्क रिपोर्ट के अनुसार, निस्तारणकर्ता अधिकारियों ने कुल 4,144 में से 3,449 आवेदकों (83.23%) से संपर्क किया, लेकिन 695 लोगों से निस्तारण से पहले या बाद में कोई संपर्क तक नहीं किया गया। जिलाधिकारी ने स्वयं एवं अधीनस्थ कार्यालयों के स्तर पर कुल 10,798 शिकायतों में से माह के अंत में 136 शिकायतें डिफॉल्टर श्रेणी में मिलीं, जिनका प्रतिशत मात्र 1.26% रहा है। जिलाधिकारी और पुलिस कार्यालय में संदर्भों की फीडिंग का मासिक लक्ष्य 654 था, जिसके सापेक्ष 868 (132.72%) संदर्भ फीड कर बेहतर प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा, शिकायतों के भौतिक सत्यापन के 40 के लक्ष्य के मुकाबले 42 सत्यापन किए गए।

 
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किरावली का लेखपाल निलंबित, सचिव को प्रतिकूल प्रविष्टि
आईजीआरएस पोर्टल पर मिली शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वालों पर डीएम मनीष बंसल ने सख्ती दिखाई है। मंगलवार को किरावली मौजा बसैया क्षेत्र के लेखपाल को तत्काल निलंबित कर दिया। यह करवाई फर्जी रिपोर्ट लगाने पर की गई। उजरई ग्राम पंचायत सचिव को प्रतिकूल प्रविष्टि और गलत निस्तारण पर जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। समीक्षा बैठक में खराब फीडबैक पर डीएम ने सख्त नाराजगी व्यक्त की। परिवहन निगम के एआरएम बाह और ईदगाह से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। छात्रवृत्ति निरस्त होने के मामलों में डीएम ने समाज कल्याण व अन्य संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि अधिकारी खुद शिकायतों की रैंडम जांच करें, अन्यथा अगली बैठक में सीधे उनके खिलाफ ही प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। 

 
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