आगरा में जल निगम के ठेकेदार से कथित तौर पर 1.13 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में हरीपर्वत पुलिस ने फर्म संचालक ऋषभ गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि 1.78 करोड़ रुपये लेने के बाद केवल 65 लाख रुपये का माल सप्लाई किया गया और बाकी माल के लिए फर्जी बिल दिए गए। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
आगरा के हरीपर्वत पुलिस ने 1.13 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में एक फर्म संचालक को रविवार को गिरफ्तार किया। उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
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संजय प्लेस निवासी सरकारी ठेकेदार महेश उपाध्याय ने यह शिकायत दर्ज कराई थी। बताया कि वह जल निगम के लिए कार्य करते हैं। दिसंबर 2023 में उन्हें चरखारी नगर पंचायत, महोबा में कार्य के लिए जल निगम से ठेका मिला था। इसके लिए उन्हें पाइप की आवश्यकता थी। परिचित के माध्यम से उन्हें ऋषभ गुप्ता के बारे में पता चला। उन्होंने ऋषभ को 2.18 करोड़ रुपये का माल सप्लाई का ठेका दिया था। आरोप है कि ऋषभ ने 1.78 करोड़ रुपये लिए लेकिन केवल 65 लाख रुपये का माल सप्लाई किया।
महेश का आरोप है कि बाकी माल मांगने पर ऋषभ टाल-मटोल करता रहा। बाद में उसने माल सप्लाई के फर्जी बिल थमा दिए और रुपये देने से इन्कार कर दिया। पुलिस शिकायत पर उसने फर्जी समझौता पेश किया, जिसकी जांच में फर्जी हस्ताक्षर सामने आए। इस मामले में 21 अगस्त को थाना हरीपर्वत में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। डीसीपी सिटी रविंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस ने जांच के बाद आरोपी ऋषभ गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है।