आगरा के धाकरान में सरकारी जमीन को निजी दर्शाकर फर्जी एनओसी के सहारे नक्शा पास कराने के मामले में बिल्डर समेत चार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। एडीए के सहायक अभियंता की तहरीर पर लोहामंडी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के सहारे धाकरान स्थित सरकारी जमीन को निजी दर्शाकर आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) से नक्शा मंजूर कराने के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने शिकंजा कसा है। प्राधिकरण के सहायक अभियंता रमन कुमार की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। फर्जीवाड़े में एक बिल्डर समेत चार लोगों को आरोपी बनाया गया है।
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इस मामले में तत्कालीन एडीएम प्रोटोकॉल के जाली हस्ताक्षर और फर्जी एनओसी तैयार कर उसका इस्तेमाल किया गया था। अमर उजाला में इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन और एडीए ने अपने स्तर पर जांच की। सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए। इस प्रकरण में कई तत्कालीन पीसीएस अधिकारियों, प्राधिकरण के कर्मचारियों और नजूल विभाग की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। इससे अधिकारी पहले प्राथमिकी दर्ज करने में हिचकिचा रहे थे।
हालांकि, जिलाधिकारी मनीष बंसल के कड़े निर्देशों के बाद मंगलवार शाम को प्राधिकरण के अधिकारियों ने पुलिस को औपचारिक तहरीर सौंपी। एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया कि एडीए के सहायक अभियंता रमन कुमार की शिकायत पर जयपुर हाउस निवासी अजय महाजन, केशव कुंज निवासी प्रमोद कुमार गुप्ता, संजीव कुमार गुप्ता और इंजीनियर बनवारी सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।