आगरा में 132 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आए तूफान का कहर देश के आठ राज्यों में बिजली पर भी बरपा है। आगरा में तूफान के कहर से हाईवोल्टेज टावर ताश के पत्तों की तरह से ढह गए।
वहीं शमशाबाद रोड स्थित 800 केवी सबस्टेशन को भी भारी नुकसान पहुंचा है। असोम के विश्वनाथ चिरयाली से आगरा आ रही 800 केवी एचवीडीसी लाइन के 6 टावर गिर जाने से देश के आठ राज्यों में बिजली का संकट बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान सीमा पर आए तूफान का सबसे ज्यादा असर बिजली पर पड़ा है। नेशनल ग्रिड को जोड़ने वाले आगरा पावरग्रिड को तूफान से हुए नुकसान के कारण देश के आठ राज्यों में बिजली का संकट गहरा सकता है।
उत्तर प्रदेश के साथ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली की बिजली आपूर्ति पर इससे असर पड़ रहा है।
बिजलीघर
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के फतेहाबाद और शमशाबाद रोड स्थित दोनों 765 केवी सबस्टेशनों को नुकसान हुआ है तो वहीं आगरा आई 765 केवी की सात और 400 केवी की 12 लाइनें ट्रिप हुई हैं।
पावरग्रिड कारपोरेशन के 765 केवी सबस्टेशन स्विचयार्ड में सीवीटी गिरी है। असोम के विश्वनाथ चिरयाली से आ रही 800 केवी एचवीडीसी लाइन के 6 टावर गिर पड़े हैं।
दक्षिण भारत को जोड़ने वाली ग्वालियर आगरा लाइन, पश्चिमी भारत के लिए जयपुर आगरा लाइन, पूर्वी भारत के लिए विश्वनाथ चिरयाली के टावर को नुकसान पहुंचा है।
आगरा कानपुर 400 केवी लाइन को तो रात 10.30 बजे जोड़ लिया गया, लेकिन 765 केवी लाइनों पर काम जारी है। नार्दन रीजन लोड डिस्पैच सेंटर में यह सूचनाएं भेजी गई हैं।
ये लाइनें हुई हैं प्रभावित
आगरा-विश्वनाथ चिरयाली 765 केवी लाइन
आगरा-फतेहपुर 765 केवी एचवीडीसी लाइन
आगरा-छंटीकरा 765 केवी एचवीडीसी लाइन
आगरा-ग्वालियर 2 765 केवी लाइन
फतेहाबाद-ललितपुर 765 केवी लाइन
आगरा-फतेहाबाद 765 केवी लाइन
आगरा-कानपुर 400 केवी पावरग्रिड लाइन
आगरा-औरेया 2 की 400 केवी लाइन
आगरा-सीकर 1 की 400 केवी लाइन
आगरा-भिवाड़ी 2 की 400 केवी लाइन
आगरा-जयपुर की 400 केवी लाइन
आगरा-सीकर 2 की 400 केवी लाइन
5 टावर पहले ही टूटे
11 अप्रैल को आए तूफान में आगरा-छंटीकरा 765 केवी लाइन में पांच टावर टूट गए थे। टावर नंबर 173 से 177 के बीच के सभी टावरों को नुकसानपहुंचा। आगरा-उन्नाव के बीच 400 केवी यूपीपीटीसीएल की लाइन पर टावर नंबर 591 से 596 तक बाइपास के कार्य के कारण पहले ही सप्लाई बंद है।