आगरा में स्कूलों से गैरहाजिर मिले 105 शिक्षक-कर्मचारियों के वेतन से कटौती के आदेश के बाद मानव संपदा पोर्टल पर यूनिक आईडी में गड़बड़ी सामने आई। जांच में 20 शिक्षकों के ईएचआरएमएस कोड फर्जी मिले, जिससे शिक्षा विभाग के अधिकारियों और बाबुओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
आगरा में शिक्षा विभाग के बाबुओं की कारगुजारी से गैरहाजिर पाए जाने के बाद भी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के वेतन से कोई कटौती नहीं हुई। टास्कफोर्स ने जुलाई में स्कूलों का निरीक्षण करने के बाद गैरहाजिर 105 कर्मचारियों की सूची कार्रवाई के लिए बीएसए को भेजी थी। बीएसए ने संबंधित कर्मचारियों के वेतन से कटौती के आदेश किए मगर मानव संपदा पोर्टल पर पहुंचते ही ईएचआरएमएस कोड (यूनिक आईडी) में खेल कर दिया। जब इसकी पड़ताल की गई तो 20 शिक्षकों के कोड ही फर्जी पाए गए। विभाग में यह खेल लंबे समय से चल रहा है।
विज्ञापन
यह फर्जीवाड़ा बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी और बाबुओं की मिलीभगत से चल रहा है। परिषदीय स्कूलों में गैरहाजिरी पकड़ने के लिए 7 से 26 जुलाई तक जिला और ब्लॉक स्तरीय टास्कफोर्स ने प्रेरणा निरीक्षण एप के जरिए निरीक्षण किए। स्कूलों में बिना सूचना और अनधिकृत रूप से अनुपस्थित मिले शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई। 27 जुलाई को 105 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। बीएसए ने 12 अगस्त को इनके वेतन/मानदेय से अनुपस्थित दिनों की कटौती के निर्देश दिए।
केस-1
23 जुलाई को आपूर्ति निरीक्षक चंद्रशेखर ने जगनेर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नौनी-2 स्कूल का निरीक्षण किया। शिक्षक नवनराज अनुपस्थित मिले। वेतन काटने की सूची में उनका मानव संपदा कोड 10 लाख दर्ज है। इस कोड को मानव संपदा पोर्टल पर जांचने पर डाटा नॉट फाउंड मिला।
विज्ञापन
केस-2
बीईओ सौरव आनंद ने 9 जुलाई को अछनेरा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नगला सैदले में निरीक्षण किया था, जिसमें शिक्षक पुष्पेंद्र अनुपस्थित मिले। कार्रवाई वाली सूची में उनके नाम के सामने मानव संपदा कोड 20 लाख दर्ज है। इस कोड की पोर्टल पर जांच की गई तो यहां भी डाटा नॉट फाउंड मिला।
केस-3
बरौली अहीर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नगला माकरौल स्कूल का है। तहसीलदार रजनीश कुमार ने 23 जुलाई को निरीक्षण किया था। इसमें शिक्षामित्र अजयपाल अनुपस्थित मिले। सूची में उनके नाम के सामने मानव संपदा कोड 20 लाख दर्ज है। कोड की जांच करने पर संबंधित रिकॉर्ड नहीं मिला मिला।
शिक्षकों का यूनिक आईडी है मानव संपदा कोड
एआरपी विजय सिंह नरवार ने बताया कि हर शिक्षक का मानव संपदा कोड होता है और उसी से शिक्षक के बारे में पूरी जानकारी मिलती है। 10 लाख व 20 लाख कभी किसी का कोड नहीं होता। यदि होता भी तो एक कोड 10 शिक्षकों का नहीं हो सकता। जब तक मानव संपदा कोड सही नहीं होगा कर्मचारी का ऑनलाइन वेतन कट ही नहीं सकेगा।