औषधि विभाग ने गढ़ी भदौरिया में सर्जिकल सामान बनाने वाली अवैध फैक्टरी पकड़ी है। यहां पर मेडिकल डिवाइस, ग्लव्स, सिरिंज, सैनेटरी पैड समेत अन्य सर्जिकल सामान जब्त किए हैं। इसमें कुछ सामान नकली भी हैं। फैक्ट्री में छह पैकिंग मशीन और दो कमरों में सामान भरा हुआ था। मौके से फैक्टरी संचालक रंजन अग्रवाल भी पकड़ा गया है।
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औषधि निरीक्षक नरेश मोहन दीपक ने बताया कि जौनपुर से सूचना मिलने के बाद फैक्टरी में छापा मारा। यहां पर मेडिकल डिवाइस, सैनेटरी नैपकिन, ग्लव्स, सिरिंज, कैथेटर, मास्क समेत भारी मात्रा में सर्जिकल सामान मिला। फैक्टरी से दो लाख जोड़े ग्लव्स, चार हजार मेडिकेयर ग्लब्स, 26 हजार सैनेटरी नैपकिन, दो हजार यूरिन कैथेटर और एक हजार नैबुलाइजर मास्क सहित 50 हजार मास्क, ग्लब्स, सिरिंज का कच्चा माल भी मिला है। सामान की देर रात तक गिनती जारी थी। इसकी कुल माल की कीमत करीब डेढ़ करोड बतायी जा रही है। मौके पर प्रताप नगर चौराहा निवासी फैक्टरी संचालक रंजन अग्रवाल भी मिला। यह फैक्टरी का लाइसेंस नहीं दिखा पाया। फैक्टरी में छह मशीनों से पैकिंग की जा रही थी। फिरोजाबाद के औषधि निरीक्षक सुनील कुमार, आगरा के राजकुमार शर्मा के साथ गिनती चल रही है। फैक्ट्री कोरोना माहामारी शुरू होते ही करीब डेढ़ साल से चल रही है।
फर्जी बिल और फर्जी कंपनी से करता है काला कारोबार
सहायक आयुक्त औषधि अखिलेश जैन ने बताया कि आरोपी रंजन ने मेडिकेयर हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी भी बना रखी है। इससे फर्जी बिल और फर्जी कंपनी से कच्चा माल खरीदा था इसी कंपनी से सर्जिकल सामान की बिक्री करता था।
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कर्मचारियों के अंदर घुसते ही लगा दिया जाता था ताला
फैक्ट्री में चोरी-छिपे नकली सर्जिकल सामान बनाने का कार्य हो रहा था। फैक्ट्री में 55 से 60 महिला कर्मचारी कार्य कर रहे थे। इनके अंदर घुसते ही बाहर से ताला लगा दिया जाता था। एक-दो कर्मचारी बाहर रहता था, जो किसी को भी अंदर नहीं जाने देता है। री-पैकिंग का भी खेल
औषधि निरीक्षक के अनुसार फैक्टरी में री-पैकिंग का भी खेल चल रहा था। यहां से दमन-दीव, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र से कच्चा माल लेकर खरीद कर उनकी री-पैकिंग कर बेचा जाता था। यहां से सामान को दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश समेत 10 राज्यों में सप्लाई की जा रही थी। नकली सर्जिकल सामान की अवैध फैक्टरी पकड़े जाने का यह पहला मामला है। अभी तक यह पकड़े अवैध धंधे
- नशे की दवाएं : कमला नगर के जितेंद्र अरोड़ा और कपिल अरोड़ा नशे की दवाओं की कालाबाजारी करते थे। पंजाब पुलिस ने छापा मारकर दो गोदाम सील किए। यह दोनों भाई पंजाब पुलिस की जेल में हैं।
- सरकारी दवाएं: कमला नगर में जयपुरिया गैंग के पंकज गुप्ता सरकारी अस्पतालों की दवा और नशे की दवाओं की कालाबाजारी करता था। इसके गैंग में 17 लोग पुलिस की हिरासत में आ चुके हैं। जांच चल रही है।
- गर्भपात किट: एके इंटरप्राइजेज राजस्थान और हरियाणा में भ्रूण लिंग जांच गैंग को गर्भपात किट की कालाबाजारी करता था। इसके मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निरस्त करते हुए मुकदमा दर्ज किया है, मामला चल रहा है।
- कफ सीरप: फेंसीड्रिल कफ सीरप की कालाबाजारी बांग्लादेश तक हो रही है। नशे के लिए इस सीरप को तीन से चार गुना दामों बेचा जा रहा। सिकंदरा, यमुनापार में करीब एक करोड़ के सीरप भी जब्त हुए।
- नकली दवा: आवास विकास कॉलोनी के प्रदीप राजौरा और धीरज राजौरा ने नकली दवा और रीपैकिंग का खेल पकड़ा था। दवाएं बनाने के लिए मथुरा में फैक्ट्री संचालित हो रही थी। यहां पैकिंग मशीन भी सील की थी। तीन साल में 250 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त
आगरा में तीन सालों में 250 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की गईं। इसमें फ्रीगंज में ग्वालियर की नारकोटिक्स की टीम ने 225 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की थी। सिकंदरा, यमुनापार, कमला नगर, बल्केश्वर में मिले अवैध गोदाम से 25 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की।
आगरा के गढ़ी भदौरिया में पकड़ी गई सर्जिकल सामान की अवैध फैक्टरी में देर रात 12 बजे तक सामान की गिनती जारी थी। औषधि विभाग के कर्मचारी इसकी गणना में लगे रहे। अनुमान है कि सामान की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये हो सकती है। आगरा में पहली बार इस तरह का मामला पकड़ में आया है। इससे पहले नकली दवा और दवा के अवैध गोदाम पकड़े गए हैं। नशे की दवाओं के कारोबार का भी खुलासा हुआ है। ताजनगरी में ये पहली बार है कि सर्जिकल सामान की अवैध फैक्टरी पकड़ी गई है। इस फैक्टरी में 50 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे थे। औषधि निरीक्षक नरेश मोहन दीपक ने बताया कि यहां से मेडिकल डिवाइस, सैनेटरी नैपकिन, ग्लव्स, सिरिंज, कैथेटर, मास्क समेत भारी मात्रा में सर्जिकल सामान मिला।
अभी तक यह पकड़े अवैध धंधे
- नशे की दवाएं : कमला नगर के जितेंद्र अरोड़ा और कपिल अरोड़ा नशे की दवाओं की कालाबाजारी करते थे। पंजाब पुलिस ने छापा मारकर दो गोदाम सील किए। यह दोनों भाई पंजाब पुलिस की जेल में हैं।
- सरकारी दवाएं: कमला नगर में जयपुरिया गैंग के पंकज गुप्ता सरकारी अस्पतालों की दवा और नशे की दवाओं की कालाबाजारी करता था। इसके गैंग में 17 लोग पुलिस की हिरासत में आ चुके हैं। जांच चल रही है।
- गर्भपात किट: एके इंटरप्राइजेज राजस्थान और हरियाणा में भ्रूण लिंग जांच गैंग को गर्भपात किट की कालाबाजारी करता था। इसके मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निरस्त करते हुए मुकदमा दर्ज किया है, मामला चल रहा है।
- कफ सीरप: फेंसीड्रिल कफ सीरप की कालाबाजारी बांग्लादेश तक हो रही है। नशे के लिए इस सीरप को तीन से चार गुना दामों बेचा जा रहा। सिकंदरा, यमुनापार में करीब एक करोड़ के सीरप भी जब्त हुए।
- नकली दवा: आवास विकास कॉलोनी के प्रदीप राजौरा और धीरज राजौरा ने नकली दवा और रीपैकिंग का खेल पकड़ा था। दवाएं बनाने के लिए मथुरा में फैक्टरी संचालित हो रही थी। यहां पैकिंग मशीन भी सील की थी।