एसएन में होंगी जांच व ऑपरेशन
जिलाधिकारी ने बताया कि ब्लैक फंगस मरीजों के उपचार के लिए 60 इंजेक्शन की वायल एसएन मेडिकल कॉलेज को मिल गई हैं। ऐसे मरीजों की जांच, दवाईयां व ऑपरेशन एसएन में ही होंगे। संदिग्ध मरीज को सबसे पहले इमरजेंसी में भर्ती होना पड़ेगा वहां से वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा।
मधुमेह रोगियों को ज्यादा खतरा
डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि मधुमेह रोगियों में ब्लैक फंगस का खतरा अधिक है। बिना चिकित्सक की सलाह मधुमेह रोगियों को स्टेरायड्स दवाएं नहीं खानी हैं। कीमोथेरेपी व ऐसे मरीज जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कम है वे जल्दी इस फंगस की चपेट में आ सकते हैं।
ये हैं लक्षण
- आंख, होठ, चेहरे पर सूजन।
- नाक में पपड़ी जमना, खून आना।
- सिर दर्द होना, चक्कर-उल्टी आना।
- चेहरे पर भारीपन, सांस की दिक्कत।