आगरा में आवास के लिए भटकने के लिए सरकारी अफसरों को लिए अच्छी खबर है। अधिकारियों को प्राधिकरण की एडीए हाइट्स योजना में किराए पर फ्लैट देने की योजना पर काम चल रहा है। इसमें उन अधिकारियों को आवास मिल सकते हैं जो यहां तैनात हैं और वे भी आवास ले सकते हैं जिनका तबादला हो गया और वे परिवार को अपने साथ नहीं ले जा सकते हैं।
विकास प्राधिकरण ने ताजनगरी फेस दो में महत्वाकांक्षी योजना एडीए हाइट्स तैयार की है। इसमें करीब 582 फ्लैट हैं और 72 फ्लैट का एक टावर निर्माणाधीन है। अब तक करीब 250 फ्लैट बिके हैं शेष करीब 240 फ्लैट बिकने के लिए तैयार खड़े हैं लेकिन कोई खरीददार नहीं मिल रहा है।
इसकी वजह से प्राधिकरण योजना के रखरखाव का खर्च भी नहीं निकाल पा रहा है। प्राधिकरण के सूत्रों के मुताबिक अब योजना बनाई जा रही है कि खाली पड़े फ्लैट का सदुपयोग किया जाए। इन फ्लैट् को ऐसे प्रशासनिक अधिकारियों को किराए पर दिया जा सकता है, जिन्हें तैनाती के बाद आगरा में आवास नहीं मिल पाता है और किराए का मकान लेकर शहर में रहते हैं।
बता दें कि आगरा विकास प्राधिकरण ने 2007 में एडीए हाइट्स योजना का शुभारंभ किया था। जब योजना के तहत आवंटन खोले गए तब बड़ी मारामारी हुई। आगरा के लोगों ने यहां जमकर फ्लैट बुक कराए। दिल्ली, मुंबई सहित देश के कई शहरों के निवेशक भी फ्लैट लेने के लिए कूद पड़े योजना को तगड़ा रिस्पांस मिला तो प्राधिकरण के अफसरों ने स्थानीय खरीदारों पर शर्तें थोपना शुरू कर दिया।
इससे परेशान होकर स्थानीय ग्राहकों ने कदम पीछे खींच लिए और बुकिंग रद्द कर दी। बाद में बाहर के ग्राहक भी गायब हो गए और योजना फ्लाप हो गई। अब इस मंदी के दौर में प्राधिकरण शास्त्रीपुरम हाइट्स योजना लांच करने जा रहा है। इस योजना में करीब 552 फ्लैट बनाए जा रहे हैं। जब ताजमहल के नाम पर एडीए हाइट्स नहीं बिक पाई तो शास्त्रीपुरम हाइट्स का क्या होगा।