आउटडोर और इंडोर दोनों स्टेडियम के लिए मांग उठ रही है। जिला मुख्यालय के साथ किरावली, बाह के खिलाड़ी भी मांग उठा रहे हैं।
अलग-अलग योजनाओं में देहात में मिनी स्टेडियम बनाए जाने के प्रस्ताव मंजूर भी हुए लेकिन आगे नहीं बढ़े। खेल संघ की ओर से
पांच साल पहले आगरा में इंडोर स्टेडियम का प्रस्ताव खेल निदेशालय को भेजा गया था। इससे पहले यह प्रस्ताव दो बार और जा चुका
है।
ताजनगरी के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के दम पर ओलंपिक तक खेल चुके हैं लेकिन जनप्रतिनिधि इन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम नहीं दिला पा रहे। मांग 25 साल से उठ रही है। 20 साल में तीन बार प्रस्ताव जा चुके। संसद में भी मुद्दा उठा लेकिन हल नहीं निकला।
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खेल संघ अब फिर से आवाज बुलंद कर रहे हैं। आउटडोर और इंडोर दोनों स्टेडियम के लिए मांग उठ रही है। जिला मुख्यालय के साथ किरावली, बाह के खिलाड़ी भी मांग उठा रहे हैं।
अलग-अलग योजनाओं में देहात में मिनी स्टेडियम बनाए जाने के प्रस्ताव मंजूर भी हुए लेकिन आगे नहीं बढ़े। खेल संघ की ओर से पांच साल पहले आगरा में इंडोर स्टेडियम का प्रस्ताव खेल निदेशालय को भेजा गया था। इससे पहले यह प्रस्ताव दो बार और जा चुका है।
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स्टेडियम की मांग करने वाले आगरावासी
- फोटो : अमर उजाला
1. जनप्रतिनिधियों पर बनाएंगे दबाव
अंतरराष्ट्रीय इंडोर स्टेडियम के लिए प्रस्ताव का नया प्रारूप तैयार किया जा रहा है। इस बार हमारी कोशिश रहेगी कि किसी भी स्तर से चूक नहीं हो। इसके लिए खेल संघों के अध्यक्षों सहित तमाम पदाधिकारियों से सलाह मांगी गई है। जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाएंगे। खिलाड़ियों के साथ ही शहर की जनता के हस्ताक्षरयुक्त पोस्टकार्ड भी शासन को भेजे जाएंगे। - राहुल पालीवाल, सचिव जिला ओलंपिक संघ।
2. स्टेडियम न बनने से खिलाड़ी निराश
हम अपनी प्रतिभा के बल पर पदक जीत रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप की तैयारी के लिए बाहर जाना पड़ता है। आगरा में नौ विधायक और दो सांसद हैं। यहां के मंत्री भी रहे हैं। अगर सभी लोग मन से कोशिश करें तो क्या यह मुमकिन है कि सरकार इनकी न सुने। स्टेडियम न बनने से खिलाड़ियों में निराशा है। - एश्वर्या शर्मा, शूटर
3. बाहर के खिलाड़ी भी चाहते हैं स्टेडियम बने
सिर्फ आगरा ही नहीं, बाहर के खिलाड़ी भी चाहते हैं कि आगरा में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम हो। यहां जीतेंगे तो दुनिया में नाम होगा क्योंकि यहां ताजमहल है और ताजनगरी की दुनिया में अलग पहचान है। यहां स्टेडियम बनेगा तो इससे पर्यटन को भी फायदा होगा। - सर्वेश भटनागर, पूर्व रणजी खिलाड़ी
4. शासन पर दबाव बनाना होगा
जनप्रतिनिधियों को एकजुट होकर शासन पर दबाव बनाना होगा। देखना होेगा कि पहले जो प्रस्ताव गए, उन्हें मंजूर क्यों नहीं किया गया। होमवर्क के साथ शासन में जाएंगे तो उम्मीद है कि सुनवाई जरूरी होगी। जनता को भी चाहिए कि जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाए। - राजीव सोई, अध्यक्ष, आगरा हॉकी
अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम हक है हमारा
अंतर्राष्ट्रीय इंडोर स्टेडियम इस शहर का हक है। खेलों की वो सुविधाएं भी नहीं हैं, जो खिलाड़ियों को मिलनी चाहिए। तमाम खेलों के खिलाड़ियों को बाहरी शहरों में जाकर अपना करियर बनाना पड़ रहा है। -रीनेश मित्तल, संयुक्त सचिव, जिला बॉस्केटबाल संघ
संसद में उठाया सवाल, और कोशिश करनी होगी
मैं जब सांसद था, तब स्टेडियम का सवाल संसद में उठाया था। सरकार में बात भी की थी। आगरा में एक से बढ़कर एक खिलाड़ी है। स्टेडियम आगरा का हक है। यह नहीं बन पाया, अब सभी जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि एकजुट होकर कोशिश करें। -चौधरी बाबूलाल, पूर्व सांसद फतेहपुर सीकरी