आईएसबीटी और अबुल उलाह कट पर बने अवैध बस अड्डे लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। यहां रोडवेज और डग्गामार बसों के रुकने से रोज जाम की समस्या पैदा होती है। यहां से गुजरने वाले लोगों के लिए ये कट हादसे का कारण भी बन रहे हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारियाें की नींद नहीं खुल रही है।
रोडवेज बस चालकों की मनमानी का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। हाईवे पर अबुल उलाह और आईएसबीटी कट पर बने अवैध बस अड्डों से अन्य वाहनों का आवागमन अवरुद्ध होता है। ऐसे में हाईवे पर रोज लंबा जाम लगता है, जिससे 5 मिनट का रास्ता तय करने में लोगों को आधा घंटे का समय लगता है। त्योहार पर समस्या और ज्यादा विकराल हो जाती है। यहां पर खड़ी हाेने वाली बसों पर यातायात पुलिस भी लगाम नहीं लगा पा रही है। जबकि यातायातकर्मी वहीं तैनात रहते हैं।
कई बार हुए हादसे
अबुल उलाह कट पर वाहन के इंतजार में खड़ी सवारियां बसों के आते ही हाईवे की ओर दौड़ लगा देती हैं। ऐसे में कई बार लोग अन्य वाहनों की चपेट में आकर घायल हुए हैं। वहीं कई की हादसे में जान तक चली गई है।
फ्लाई ओवर के नीचे भी लगता है जाम
आईएसबीटी फ्लाई ओवर के पास एक प्राईवेट स्कूल भी है। स्कूल की छुट्टी होने के बाद फ्लाई ओवर के नीचे रोडवेज की बसों के खड़े होने से जाम लग जाता है, जिसमें स्कूल की बसें भी फंस जाती हैं।
शहर में बस नहीं खड़े करने के हैं निर्देश
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक ब्रह्म प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि बस चालकों को सख्त निर्देश हैं कि वह बसों को शहर में खड़ा कर सवारी नहीं भरेंगे। सिर्फ सवारी को उतारेंगे और बैठाएंगे। अगर बस रोककर सवारी भरते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।
केस 1
जुलाई 2025 में आईएसबीटी फ्लाईओवर पर स्कूटर सवार सहारनपुर के मानकाऊ की रहने वाली युवती बानो को बस की चपेट में आ गई, जिससे युवती की मौत हाे गई।
केस 2
जुलाई 2024 को अबुल उलाह कट पर रोडवेज बस ने सवारी लेने के लिए अचानक से ब्रेक लगा दिये, जिससे पीछे से आ रही एक कार बस से टकरा गई। इससे कार में बैठे एक आईपीएस अधिकारी के परिवार के तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।