पूर्व सैनिक और उनकी पत्नी का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आगरा के थाना ताजगंज क्षेत्र की पुष्पांजलि इको सिटी में 5 साल पहले पूर्व सैनिक की पत्नी संगीता को जिंदा जलाने की कोशिश की गई थी। सुनवाई के बाद एडीजे-15 राजीव कुमार पालीवाल ने भरत खरे, उसकी पत्नी सुनीता, कपिल श्रीवास्तव और सोनू सक्सेना को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 2.10 लाख रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माने की रकम से 2 लाख रुपये वादी को दिलाने के आदेश भी किए।
पुष्पांजलि इको सिटी निवासी अनिल कुमार सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद एक कंपनी में नौकरी कर रहे थे। अक्तूबर 2020 में उनका बेटा आयुष और सोसाइटी के अध्यक्ष भरत खरे का बेटा खेल रहे थे। दोनों में किसी बात पर झगड़ा हुआ। भरत खरे के बेटे को ईंट लग गई। इस पर उन्होंने थाने में शिकायत की। दोनों पक्षों को पुलिस ने बुलाया। बाद में समझाैते करने पर बात बनी।
11 अक्तूबर 2020 को मोहल्ले में पंचायत बुलाई गई। इसमें अनिल की पत्नी संगीता ने भरत खरे, उसकी पत्नी सुनीता खरे व अन्य लोगों का पैर छूकर माफी मांगी और झगड़ा खत्म करने के लिए कहा था। मगर भरत खरे ने राजीनामा के नाम पर 10 लाख रुपये की मांग की। इसका लोगों ने विरोध किया। बाद में पंचायत बिना किसी नतीजे के समाप्त कर दी गई।
अनिल ने कहा था कि इस बात से नाराज आरोपियों ने पत्नी संगीता पर केरोसिन डालकर उन्हें आग के हवाले कर दिया। पत्नी को बचाने में उनके भी हाथ जल गए थे। उन्होंने गंभीर हालत में पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दाैरान मौत हो गई। अभियोजन पक्ष ने मामले की पुष्टि के लिए वादी अनिल कुमार, वंदना शर्मा, डॉ. श्रीधर शर्मा, दरोगा मुकेश कुमार चतुर्वेदी, डॉ. आदित्य आंनद, एसओ नरेंद्र कुमार एवं एसओ उमेशचंद त्रिपाठी को अदालत में पेश किया।