आगरा में अवैध धर्मांतरण और दो बहनों के अपहरण से जुड़े मामले में आरोपी अयान जावेद और परवेज अख्तर की जमानत अर्जी जिला जज संजय कुमार मलिक ने खारिज कर दी। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान संगठित गिरोह के रूप में काम करने और विदेशों से फंडिंग के आरोपों से जुड़े साक्ष्य पेश किए।
अवैध धर्मांतरण व अन्य आरोपों के मामले में झारखंड के नया बाजार निवासी अयान जावेद और दिल्ली के नवाबगंज निवासी परवेज अख्तर ने अदालत में जमानत प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। जिला जज संजय कुमार मलिक ने उसे निरस्त करने के आदेश दिए।
विज्ञापन
वादी ने थाना सदर में 24 मार्च, 2025 को अपनी दो पुत्रियों के अपहरण के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने दोनों बहनों को 18 जुलाई, 2025 को कोलकाता की मुस्लिम बस्ती से मुक्त कराया। अवैध धर्मांतरण गैंग का पर्दाफाश कर 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने तमाम आपत्तिजनक साहित्य बरामद किए।
जमानत प्रार्थनापत्र की सुनवाई के दौरान डीजीसी ने तर्क दिया कि आरोपी और उसके साथियों ने संगठित गिरोह के रूप में काम कर अवैध धर्मांतरण कराने का कार्य किया। इसके साक्ष्य भी प्रस्तुत किए गए। खाते में विदेशों से फंडिंग के तथ्य भी उजागर किए गए हैं।