कोरोना वायरस: टेस्ट कराता युवक
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के अस्पतालों में हुई मरीजों की मौतों के आंकड़े नहीं थम रहे। गुरुवार को पोर्टल पर फिर चार मौतें दर्ज होने से मृतक संख्या अब 439 हो गई है। 22 नए मरीज भी मिले हैं। पिछले 24 घंटे में 7,489 लोगों की जांच में 22 नए मरीज मिले हैं। सप्ताहांत कर्फ्यू के तीन दिन बाद मरीजों में इजाफा हुआ है। मरीज चिन्हित हुये। 13 मरीज ठीक हुए हैं। अबतक 25753 मरीजों में से 25076 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। जिले में एक्टिव केस 238 हैं।
दूसरी लहर पड़ी युवाओं पर भारी
कोरोना वायरस की पहली लहर बुजुर्गों और दूसरी लहर युवाओं पर भारी पड़ी। दूसरी लहर में 30 से 40 साल के 35 लोगों की मौत हुई। पहली लहर में यह संख्या लगभग 14 थी। चिकित्सक बताते हैं कि पहली लहर में अनियंत्रित मधुमेह-सांस रोग तो दूसरी लहर में फेफड़ों में संक्रमण मौत की वजह बने।
एसएन के डेटा प्रभारी डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि पहली लहर में 12 महीने में एसएन में आगरा समेत अन्य जिलों के करीब 180 मरीजों की मौत हुई, दूसरी लहर में 50 दिन में ही 229 ने दम तोड़ा। पहली लहर में मृतकों में 30 से 50 साल के लोग कम रहे। इनका औसत 19 प्रतिशत रहा, दूसरी लहर में इस उम्र के 42 फीसदी से अधिक की मौत हुई है। बुजुर्गों की बात करें तो पहली लहर में 60 साल से अधिक उम्र के मरीजों की मौत की दर 21 फीसदी और दूसरी लहर में 52 प्रतिशत और 35 फीसदी रही।
पहली लहर में मधुमेह-सांस रोग, दूसरी में फेफड़ों खराब होने से हुई मौत
- वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि पहली लहर में अनियंत्रित मधुमेह, सांस रोग की वजह से जान गईं तो दूसरी लहर में मौत की मुख्य वजह फेफड़े खराब होना था। दूसरी लहर में वायरस ऐसा खतरनाक था कि युवा और स्वस्थ लोगों के फेफड़े बुरी तरह से संक्रमित कर दिए थे।
कोरोना दूसरी लहर: युवाओं पर भारी पड़ा संक्रमण, 30 से 40 उम्र के 35 मरीजों की हुई मौत