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UP: एसबी कृष्णा से बनी आयशा, कश्मीरी छात्राओं ने किया ब्रेनवॉश; गोवा की लड़की धर्मांतरण गैंग को बांटती पैसे

Tue, 22 Jul 2025 06:41 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

सगी बहनों के धर्मांतरण के मामले में आगरा पुलिस ने मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान को दिल्ली के मुस्तफाबाद से गिरफ्तार किया है। वह गोवा की आयशा को धर्मांतरण के लिए फंड मुहैया कराता था। एसबी कृष्णा उर्फ आयशा पंजाब यूनिवर्सिटी में कश्मीरी छात्राओं के संपर्क में आई थी। जहां से वह इस गिरोह में शामिल हुई।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI
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विस्तार
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अवैध धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार की गई आरोपी एसबी कृष्णा उर्फ आयशा यूं ही गिरोह में शामिल नहीं हो गई थी। एमएससी डाटा साइंस की पढ़ाई के दाैरान पंजाब यूनिवर्सिटी में वह कश्मीरी छात्राओं के संपर्क में आई थी। उन्होंने उसका ब्रेनवॉश किया था।

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मूलरूप से गोवा की रहने वाली एसबी कृष्णा उर्फ आयशा ही गिरोह को पैसा उपलब्ध कराती थी। उसे दिल्ली का अब्दुल रहमान रुपये भेजता था। आयशा ने व्हाट्सएप पर कई ग्रुप भी बना रखे हैं। इनके माध्यम से अन्य लोगों के संपर्क में रहा करती थी। आगरा में लाने के बाद पुलिस ने उससे अलग-अलग जगह पूछताछ की है।

उससे पता चला है कि वह वर्ष 2020 में पंजाब यूनिवर्सिटी से एमएससी डाटा साइंस की पढ़ाई कर ही थी। यूनिवर्सिटी में कश्मीर की छात्राएं भी पढ़ती थीं। वह उनके संपर्क में आ गई। कश्मीरी छात्राओं ने उसे धर्मांतरण के प्रति आकर्षित किया। उसे अपने साथ कश्मीर ले गईं। कई दिन तक साथ में ही रखा।

वहां मन न लगने पर दिल्ली लौट आई। उसके घरवालों ने दिल्ली में केस दर्ज कराया था। उसके मिलने के बाद मुस्तफा नाम के युवक को जेल भेज दिया गया। परिजन एसबी कृष्णा को अपने साथ ले गए। उसके मोबाइल आदि छीन लिए। इससे उसका संपर्क कुछ दिन के लिए धर्मांतरण गिरोह से टूट गया।

छह महीने बाद वो फिर से संपर्क में आ गई। वह कोलकाता चली गई। उसने अपना धर्म परिवर्तन करा लिया। वह अब्दुल रहमान के माध्यम से फंडिंग करने लगी। उससे कई और जानकारियां पुलिस को मिली है। इन पर पड़ताल की जा रही है।

प्यार में फंसकर बदल लिया धर्म
जयपुर से गिरफ्तार पियूष पंवार उर्फ मोहम्मद अली एक युवती के प्यार में धर्म परिवर्तन कर बैठा। वह वर्ष 2021 में टोंक की युवती के संपर्क में आया था। उसने ही उसे धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया। वह इस्लाम कबूल कर मोहम्मद अली बन गया। बाद में युवती से उसका संपर्क टूट गया। वह कलीम सिद्दीकी के संपर्क में आ गया। उसकी मदद से पीएफआई संगठन से जुड़ गया। वह कोलकाता में दीनी तालीम लेने लगा। वह आयशा के संपर्क में आ गया। वह आयशा से ही फंड लेकर धर्मांतरण में आने वाले लोगों को उपलब्ध कराता था। वह घर वापसी चाहता है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

इंस्टाग्राम पर डालता था वीडियो
रीथ बनिक उर्फ मोहम्मद इब्राहिम ही आगरा की दोनों बहनों के संपर्क में था। उसने ही दोनों के कोलकाता पहुंचने का इंतजाम कराया था। कोलकाता पहुंचने पर इंस्टाग्राम पर उन्हें वीडियो भी भेज रहा था। डाक से साहित्य भी उपलब्ध करा रहा था।

सगी बहनों के धर्मांतरण का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान दिल्ली से गिरफ्तार
आगरा की सगी बहनों के धर्मांतरण के मामले में आगरा पुलिस ने मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान को दिल्ली के मुस्तफाबाद से गिरफ्तार किया है। वह गोवा की आयशा को धर्मांतरण के लिए फंड मुहैया कराता था। अब्दुल रहमान ही सामूहिक धर्मांतरण के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे माैलाना कलीम सिद्दीकी के गिरोह को मुख्य रूप से संचालित कर रहा था।

पुलिस की दबिश में आरोपी के घर से रोहतक की युवती भी बरामद हुई। उसे भी धर्मांतरण के लिए लाए जाने की आशंका है। आरोपी के ठिकाने से मुस्लिम साहित्य के साथ ही धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने वाली पुस्तकें भी मिली हैं। पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। गिरोह के आतंकी फंडिंग के बारे में पड़ताल की जाएगी।

शनिवार को पुलिस ने धर्मांतरण कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया था। 10 आरोपी पकड़े गए थे, जिनको 10 दिन की रिमांड पर लिया गया है। इनमें गोवा की आयशा उर्फ एसबी कृष्णा भी शामिल है। वह धर्मांतरण के लिए आने वाले लोगों और अपने सदस्यों को रुपये मुहैया कराती थी। पुलिस ने उससे पूछताछ की, तो अब्दुल रहमान का नाम सामने आया था। इस पर पुलिस ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कराए थे।

इसके बाद आगरा कमिश्नरेट पुलिस ने दिल्ली के सलीमपुरी स्थित मुस्तफाबाद इलाके में दबिश दी। वहां से अब्दुल रहमान को गिरफ्तार कर लिया। उसके घर में हरियाणा के रोहतक निवासी एक युवती भी मिली। रोहतक के थाने में युवती की गुमशुदगी दर्ज है। इस पर वहां की पुलिस से संपर्क किया गया। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि अब्दुल रहमान गिरोह का मास्टरमाइंड है। वह कनाडा में रहने वाले दाऊद अहमद के संपर्क में है। वह कलीम सिद्दीकी के लिए काम कर रहा था। उसे रिमांड पर लेकर गहनता से पूछताछ की जाएगी।

35 साल पहले महेंद्र से बना था अब्दुल रहमान
पुलिस की पकड़ में आए अब्दुल रहमान ने भी अपना धर्म परिवर्तन किया था। वह मूलरूप से फिरोजाबाद के रजावली स्थित रामगढ़ का रहने वाला है। उसका असली नाम महेंद्र पाल जादाैन है। उसका जन्म 1973 में हुआ था। उसने पहले ईसाई धर्म अपनाया था। 1990 में मुस्लिम धर्म अपना लिया। वह दिल्ली में जाकर बस गया और मजदूरी करने लगा था। तब उसकी मुलाकात मुजफ्फरनगर के कलीम सिद्दीकी से हुई थी। वह उसके लिए काम करने लगा और धर्मांतरण कराने लगा।

बड़ी मात्रा में मिला धार्मिक साहित्य
पुलिस ने आरोपी अब्दुल रहमान के घर की तलाशी ली। उसने अपना दो मंजिला आलीशान घर बना रखा है। इलाके में लोग उसे अब्दुल रहमान उर्फ चचा के नाम से जानते हैं। पुलिस ने तलाशी ली तो उसके घर से इस्लाम और बहुजन समाज, ईश्वर और सृष्टि श्रेष्ठ काैन, आपकी अमानत आपकी सेवा में, सांप्रदायिक शांति एवं सद्भाव क्यों और कैसे, आतंकवाद और इस्लाम नामक पुस्तकें बरामद की गईं। धार्मिक साहित्य भी मिला है। इनमें ज्यादातर कलीम सिद्दीकी और जाकिर नाइक की हैं। इन पुस्तकों के माध्यम से ही धर्मांतरण के लिए प्रचार किया जाता था। अब्दुल रहमान कलीम सिद्दीकी की ग्लोबल पीस सेंटर संस्था के दिल्ली के शाहीन बाग स्थित कार्यालय से जुड़ा हुआ था, जो साहित्य बरामद हुआ है, उसमें कई लोगों के नाम भी हैं।
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आजीवन कारावास की सजा काट रहा कलीम सिद्दीकी
यूपी एटीएस ने 2021 में कलीम सिद्दीक को सामूहिक धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार किया था। पिछले साल उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। उसके अलावा 11 और लोग शामिल थे। पुलिस के मुताबिक, कलीम सिद्दीकी की ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट में 57वीं रैंक आई थी। उसने डाॅक्टर बनने के बजाय धर्म का प्रचार शुरू कर दिया। माैलाना बनकर दीनी शिक्षा दे रहा था। उसने ट्रस्ट खोलकर मदरसा बना लिया था। उसके पास कई देशों से करोड़ों की फंडिंग होती थी। एटीएस ने उसकी गिरफ्तारी के बाद गिरोह का खुलासा किया था। इस मामले में उसे उम्रकैद की सजा हो चुकी है।

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