आगरा डेवलपमेंट फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आनलाइन पोर्टल पर सुझाव दिया है कि यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर वाहन चलाने वालों और मुसाफिरों का बीमा कराया जाए।
इसके लिए टोल दरों में पांच या दस रुपये की बढ़ोत्तरी की जा सकती है ताकि प्रीमियम की राशि अदा की जा सके। मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह सुझाव अध्ययन के लिए अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के अपर सचिव को दिया है।
आगरा डेवलपमेंट सोसायटी एक्सप्रेसवे पर हो रहे हादसों पर अंकुश के लिए सरकार को लगातार कोशिश कर रही है। सोसायटी ने 2015 में हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी।
सीएम योगी
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ताजा सुझाव इस लिहाज से अहम है क्योंकि एक्सप्रेसवे पर हादसों की रफ्तार बहुत तेज हो गई है। रविवार को यमुना एक्सप्रेसवे पर एम्स के तीन डाक्टरों की जान चली गई थी।
संस्था के सचिव केसी जैन का कहना है कि जिस तरह हवाई जहाज के टिकट में बीमा होता है, वैसे ही एक्सप्रेसवे के टोल में भी होना चाहिए।
नौ अगस्त, 2012 को शुरू किए गए 165 किलोमीटर के यमुना एक्सप्रेसवे पर 2014 में 772 हादसे हुए थे। इनमें 127 लोग मरे थे। 2017 में 4076 हादसे हुए जिनमें 548 लोगों की जान गई। 2013 में 898 हादसे हुए थे जिनमें 118 लोगों की जान गई थी।
सीआरआरआई की सिफारिश पर अमल नहीं
सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) ने यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए हादसों पर अध्ययन किया। इसके बाद कुछ सुझाव दिए। जैसे कुछ जगह स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं ताकि रफ्तार पर लगाम रहे।
दूसरा सुझाव था कि सीसीटीवी से निगरानी बढ़ाई जाए। तीसरा, यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्ती हो। इन पर अमल नहीं किया गया।