घने कोहरे ने ताजमहल देखने आए देशी-विदेशी पर्यटकों की उम्मीदों को धुंधला कर दिया। रविवार के बाद सोमवार सुबह के समय ताजमहल परिसर में कोहरे की घनी चादर छाई रही, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। हालात ऐसे रहे कि विश्वविख्यात स्मारक ताजमहल रेड प्लेटफॉर्म से दिखाई ही नहीं दिया।
आगरा में सोमवार सुबह छाई कोहरे की चादर का दोहरा असर देखने को मिला। सड़क पर वाहन रेंगते हुए नजर आए, तो वहीं ताजमहल भी कोहरे में नजर नहीं आया।
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वहीं रविवार को शहर के एक्यूआई में बढ़ोतरी हुई, जबकि अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। स्मार्ट सिटी के आंकड़ों के अनुसार रविवार को शहर के दस क्षेत्रों में हवा गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 के पार दर्ज किया गया। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ओर से जारी रिपोर्ट में भी आगरा का औसत एक्यूआई लखनऊ व कानपुर समेत कई बड़े महानगरों से ज्यादा दर्ज किया गया।
शहर का अधिकतम तापमान 23.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। कोहरे और गिरते तापमान के चलते नमी की मौजूदगी की वजह से धूल के कण ज्यादा ऊंचाई तक नहीं जा सके। इसकी वजह से बाग फरजाना, कलाकृति, धूलियागंज, राजपुर चुंगी, संजय टॉकीज, छिपी टोला, तहसील तिराहा, सदर भट्टी, ईदगाह चौराहा और श्मशान घाट के आसपास के क्षेत्रों में लगे स्मार्ट सिटी के सेंसरों ने एक्यूआई 400 के पार रिकॉर्ड किया। वहीं, एक्यूआई 219 होने पर सीपीसीबी ने शहर की हवा को खराब की श्रेणी में रखा। लखनऊ में एक्यूआई 213 जबकि कानपुर में 197 था। कोहरे की चादर के बीच मेट्रो की जगह-जगह चल रही खुदाई और उड़ती धूल व मिट्टी के कणों ने हवा में घुलकर लोगों को सांस लेने से लेकर आंखों में जलन जैसी परेशानी से जूझने पर मजबूर किया। मौसम विज्ञान विभाग ने घने कोहरे के रहने का यलो अलर्ट जारी किया था।
स्टेशन एक्यूआई
शाहजहां पार्क 201
रोहता 204
मनोहरपुर 234
संजय प्लेस 262
आवास विकास 214
शास्त्रीपुरम 183
(आंकड़े सीपीसीबी के हैं)