18 अप्रैल 1948 को आगरा से शुरू हुए अमर उजाला के स्वर्णिम सफर के 70 बरस पूरे होने जा रहे हैं। इस लंबी अवधि में अमर उजाला का विस्तार सात राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुआ है। देश के करोड़ों पाठकों की पसंद बन चुका है अमर उजाला। बात आगरा की करें तो यहां अखबार का मतलब ही अमर उजाला है।
विश्वसनीयता ऐसी है कि भरोसे का दूसरा नाम ही अमर उजाला है। यह कहना है शहर के प्रमुख समाजसेवी संगठनों के पदाधिकारियों का। 70वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में अमर उजाला कार्यालय में रविवार को संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इसमें समाजसेवी संस्थाओं के पदाधिकारियों ने कहा कि आगरा में चौथी पीढ़ी है, जिसकी सुबह अमर उजाला के साथ शुरू होती है। 70 साल पहले यशस्वी पत्रकार डोरीलाल अग्रवाल और मुरारी लाल माहेश्वरी ने जो बीज रोपा, वह आज वटवृक्ष बन गया है।
संवाद में अतिथि
- फोटो : अमर उजाला
आर्य श्री की अध्यक्ष तूलिका धवन कपूर ने कहा कि अमर उजाला ने सेवा कार्य को हमेशा प्रोत्साहन दिया है। इसका ले आउट भी आकर्षक है। लायंस क्लब कोहिनूर की बबिता चौहान ने बताया कि विश्वसनीयता के मामले में तो अमर उजाला का कोई सानी ही नहीं है।
पंजाबी महिला सभा की कुसुम मिड्डा बोलीं कि अमर उजाला हमारे परिवार का हिस्सा है। इसने हमेशा कुछ अच्छा करने की प्रेरणा दी है। महिला मंडल की कांता माहेश्चवरी ने कहा कि अमर उजाला से हमारा परिवार सालों से जुड़ा है। अमर उजाला की खबरों में सत्यता होती है।
महिला शांति सेना की अध्यक्ष वत्सला प्रभाकर ने कहा कि खबर की सत्यता का पता अमर उजाला से चलता है। तमाम खबरें ऐसी होती हैं जिनसे प्रेरणा मिलती है और पीड़ितों को मदद कर पाते हैं। समाजसेवी शीला बहल का कहना था कि अमर उजाला की समाजसेवा की खबरों से लोगों को भी कुछ करने की प्रेरणा मिलती है।
इन लोगों ने ये कहा
विचार रख्ाते वक्ता
- फोटो : अमर उजाला
यथा नाम, तथा गुण। अमर उजाला समाज में सच्चाई, सेवा का उजाला फैला रहा है। ईश्वर करे यह उजाला समाज को ऐसे दिशा देता रहे। -उर्मिला अग्रवाल, अग्रवाल महिला मंच, आगरा
मेरे परिवार के संबंध अमर उजाला से वर्षों से पुराने हैं। डोरीलाल अग्रवाल के समय से हम जुड़े हैं। अमर उजाला ने खबरों में कभी किसी प्रकार का दबाव नहीं माना। -सुभाषिनी पालीवाल, सचिव आकांक्षा परामर्श दात्री समिति
अमर उजाला परिवार के सदस्य इसी तरह समाज को दिशा दिखाता रहे, मेरी यही कामना है। - किरन शर्मा, वनिता विकास समिति
-अमर उजाला की खास बात है कि खबरों में पक्षपात नहीं होता है। मैं तो यहीं कहूंगी अमर उजाला सच का आइना है। -शबाना खंडेलवाल, सशक्त महिला समिति
- अमर उजाला का सबसे बेहतरीन काम मुझे मां तुझे प्रणाम कार्यक्रम लगा है। इस तरह का कार्यक्रम कोई और कर भी नहीं सकता है। - प्रतिमा भार्गव, कल्याणम फाउंडेशन
-आराधना संस्था घुमंतू बच्चों के लिए पाठशाला चलाती है। अमर उजाला की एक खबर के बाद ही गरीब बच्चों को लिए समाजसेवियों ने बहुत योगदान दिया। - हृदेश चौधरी, आराधना लेखिका मंच
-अमर उजाला की आदत सी हो गई है। अब बिना अमर उजाला पढ़े कुछ अधूरा सा लगता है - श्रुति सिन्हा, आगरा महानगर लेखिका समिति
-अमर उजाला ने हर सामाजिक सरोकार से जुड़ कर काम किया है। खुद भी समाजसेवा क्षेत्र में बड़ा काम कर रहे है और लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। मां तुझे प्रणाम अमर उजाला का अनूठा अभियान है। - नीलू धाकरे, इनर व्हील क्लब आफ आगरा
-अमर उजाला ने मां तुझे प्रणाम जैसा अभियान शहर में देशभक्ति का नया जज्बा पैदा कर दिया है। जुलाई से 15 अगस्त तक जो कार्यक्रम होते हैं, वह बड़ी बात है - रचना सिंह, आशा किरण समृद्धि फाउंडेशन
-अमर उजाला पाठकों के सुझाव सुनता है और उन पर अमल करता है ,यह बड़ी बात है। अमर उजाला समाज का अखबार है, समाज के साथ मिलकर ही यहां तक पहुंचा है - प्रतिभा जिंदल, वैचारिक जागरण मिशन ट्रस्ट
-अमर उजाला जनता की बात सुनता है, यह अच्छी बात है। सच्ची समाजसेवा को अमर उजाला ने हमेशा प्रोत्साहित किया है। - डा. शिवानी चतुर्वेदी, आगरा बुक क्लब
-हमारी ही नहीं शहर की सभी समाजसेवी संस्थाओं को अमर उजाला से प्रोत्साहन मिला है - रानी खंडेलवाल, खंडेलवाल महिला संघ
-अमर उजाला से हमारा परिवार वर्षों से जुड़ा है। तीसरी पीढ़ी अमर उजाला पढ़कर अपना मार्ग प्रशस्त कर रही है -रिम्मी सलूजा, सहेली वेलफेयर सोसाइटी
-अमर उजाला के सामने आने तक दिन अधूरा रहता है। अमर उजाला ने जनता के समस्याओं को बखूबी उठाया है। -रीटा आहूजा, सड्डा रंगला पंजाब
-अमर उजाला अखबार में छपी खबरों पर प्रशासन भी संज्ञान लेता है। तमाम समस्याओं से अफसरों को अवगत कराता है और उन पर कार्य भी हुए हैं। - उर्मिला अग्रवाल, शिव शक्ति महिला मंडल
-डोरीलाल जी और मुरारीलाल माहेश्वरीजी के जमाने से ही अमर उजाला ने खबरों की निष्पक्षता का ध्यान रखा है। एक संस्मरण मुझे याद है, 1967 के चुनाव में आगरा में जनसंघ के पांच सीटें जीतने के अमर उजाला के अनुमान पर बहुत कम लोग यकीन कर रहे थे, लेकिन चुनाव परिणाम आए तो यह सच साबित हुआ -अशोक जैन सीए, अध्यक्ष आगरा, विकास मंच
-अमर उजला ने जनमानस के बीच विश्वास कायम किया है। 1975 से अमर उजाला पढ़ रहा हूं। यह अब आदत बन चुका है। अमर उजाला अखबार से पारिवारिक रिश्ता कायम हो चुका है। अगर कहीं कोई गलती भी हो जाती है तो हम तुरंत फोन करके बताते हैं। -दिगंबर सिंह धाकरे, समाजसेवी
-जब अमर उजाला में ब्लॉक के माध्यम से खबरें छपती थीं तब से पढ़ रहे हैं। राजनीति और समाजसेवा का सबक अमर उजाला से ही सीखा। समाजसेवा के लिए अमर उजाला से हमेशा प्रोत्साहन मिला है -सुनील जैन, समाजसेवी
-जैसे एक जमाने में लोग वनस्पति घी का मतलब डालडा, टूथपेस्ट का मतलब कोलगेट समझते थे, वैसे ही आगरा में अखबार का मतलब ही अमर उजाला होता है -मुरारी लाल गोयल पेंट, अध्यक्ष, सेवा आगरा।
-मैं सन 1978 से अमर उजाला पढ़ रहा हूं। तब एक आने का अखबार आता था। सिंधी समाज और बैंक से जुड़ी विज्ञप्तियां देने आता था। अमर उजाला से हमेशा सहयोग मिला। सिंधी समाज की खबरें मेरे लेटरपैड और हस्ताक्षर के बाद प्रकाशित होती थीं -जीवत राम करीरा, समाजसेवी
-अमर उजाला का लेआउट मुझे बेहद पसंद है। अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत से ही अमर उजाला पढ़ रहा हूं। तब अनिल अग्रवालजी यहां की व्यवस्थाएं देखते थे। युवाओं को आगे बढ़ाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। -सर्व प्रकाश कपूर, समाजसेवी
-अमर उजाला ब्रांड बना है तो उसकी वजह है विश्वसनीयता। अमर उजाला ने मां तुझे प्रणाम कार्यक्रम के जरिये एक ऐसी सीख दी है कि अब शहर के सामाजिक कार्यक्रम बिना धर्मगुरुओं के आशीष के प्रारंभ नहीं होते हैं। -बंटी ग्रोवर, समाजसेवी
-अमर उजाला शहर की आदत बन गया है। सुबह उठते ही यह नहीं कहते है कि अखबार आया क्या? कहते हैं अमर उजाला आ गया क्या? डोरीलाल अग्रवाल और माहेश्वरी परिवार से हमारे पारिवारिक रिश्ते रहे हैं। खबरें तो सभी अखबारों में होती हैं लेकिन अमर उजाला में खबर के आगे की खबरें आती हैं। -सुमित विभव, समाजसेवी
सन 1972 में मेरा पहले लेख भी अमर उजाला में छपा था। अमर उजाला शीर्ष पर है, टॉप पर बने रहने के लिए मेहनत भी कर रहा है - केसी जैन, अध्यक्ष, सिटी रेडिको
-1978 मैं छात्र राजनीति से जुड़ा था। तबसे हम न्यूज लेकर अमर उजाला में आते रहे हैं। कभी हम देरी से खबर लेकर आते थे तो पहले डोरीलाल जी की डांट खानी पड़ती थी, वे कहते थे कि अब नहीं छप पाएगी लेकिन बाद में टाइपिस्ट को बुलाकर न्यूज टाइप करा देते थे। -भारत भूषण गप्पी, समाजसेवी
-अमर उजाला की खूबी यह है समाचारों का प्रकाशन निष्पक्षता के साथ होता है। -गागन दास रमानी, समाजसेवी
संदेश जैन ने कहा कि अमर उजाला जैसे मेनहती पत्रकार और कहीं नहीं है। -अजय करीरा, आनंद वर्मा, बास्केटबॉल कोच रीनेश मित्तल ने भी विचार रखे।