आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में दो फैक्टरी में हुए अग्निकांड के राज विस्फोटक नियंत्रक विभाग के नक्शे से खुलेंगे। आठ दिन से गायब फाइल और नक्शा विभाग को मिल गया है। मंगलवार को इसे जांच कमेटी के समक्ष रखा जाएगा। फिर कमेटी नक्शे से फैक्टरी की भौतिक स्थिति का मिलान करने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।
सात सितंबर को आगरा केमिकल और टॉपलास्ट फैक्टरी में हुए अग्निकांड की जांच के लिए जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने एडीएम वित्त योगेंद्र कुमार के नेतृत्व में पांच विभागों की टीम बनाई थी। टीम की प्राथमिक जांच में फैक्टरी में लापरवाही मिली थी। लेकिन विस्फोटक की एनओसी फाइल और विस्फोटक नियंत्रक विभाग में दिया गया फैक्टरी का नक्शा नहीं मिला था।
एक ही परिसर में चल रही थी दो फैक्टरियां
एडीएम वित्त योगेंद्र कुमार ने बताया विस्फोटक नियंत्रक विभाग में सोमवार को आठ दिन बाद फाइल और नक्शे दोनों मिल गए हैं। मंगलवार से नक्शे की जांच होगी। फैक्टरी की भौतिक स्थिति और नक्शे में अंतर मिलने पर कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया एक ही परिसर में दो फैक्टरी चल रही थी और दोनों फैक्टरियों का निकास द्वार भी एक था। ये नियमों का उल्लंघन है।
कारखाना विभाग से मिले दस्तावेज
एडीएम वित्त ने बताया कि दोनों फैक्टरियां कारखाना विभाग में पंजीकृत हैं। कानपुर मुख्यालय से इनके दस्तावेज मिल गए हैं। आगे की जांच विस्फोटक नियंत्रक विभाग के नक्शे के आधार पर होगी।