आगरा समेत पूरे ब्रज में नोटबंदी के बाद एक बार फिर से आगरा वासियों को पिछले चार-पांच दिनों से कैश की किल्लत झेलनी पड़ रही है। एटीएम के बाहर मशीन खराब के बोर्ड टांग दिए गए हैं। पैसा नहीं निकलने के कारण सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हो रही है जिनके घर में अक्षय तृतीया के मौके पर शादी है।
विज्ञापन
2 of 6
नकदी का अकाल
- फोटो : अमर उजाला
उनके पास जरूरी सामान खरीदने के लिए भी कैश नहीं है। साथ ही अक्षय तृतीया का बाजार भी लोगों के पास कैश नहीं होने के कारण फीका पड़ा हुआ है। बाजारों में दुकानें तो सजी हैं, लेकिन खरीदार कम ही पहुंच रहे हैं। जिले में लगभग विभिन्न बैंकों के 639 एटीएम हैं।
विज्ञापन
3 of 6
नकदी का अकाल
- फोटो : अमर उजाला
शहर के प्रमुख एरिया में लगभग 300 एटीएम हैं, लेकिन लोगों को इनसे पैसे प्राप्त नहीं हो रहे हैं। कुछ एटीएम मशीनों के शटर ही गिरा दिए गए हैं। संजय प्लेस क्षेत्र में भी कई बैंकों के एटीएम है। मगर, यहां कैश नहीं निकल रहा है। इधर, कारगिलचौराहा पर चार एटीएम हैं।
4 of 6
नकदी का अकाल
- फोटो : अमर उजाला
मगर, यहां भी किसी में कैश नहीं है। रामनगर की पुलिया चौराहा पर स्टेट बैंक के एटीएम से कैश निकालने आए सौरभ अग्रवाल ने बताया कि उनके घर में शादी है और एन वक्त पर एटीएम से पैसे नहीं निकल रहे हैं। अधिकांश दुकानों पर तो पीओएस (पाइंट ऑफ सेलिंग) मशीन भी नहीं हैं।
विज्ञापन
5 of 6
नकदी का अकाल
- फोटो : अमर उजाला
ऐेसे में तमाम छोटे कामकाजों के लिए पैसा कहां से लाएं समझ नहीं आ रहा है। बोदला चौराहा पर लगे एक एटीएम से पैसा निकालने आए अंकित महाजन ने बताया कि कैश न होने के कारण एटीएम खराब होने के बहाना बनाया जाता है। पहले तो सूचना टांगते थे कि एटीएम खराब है और अब तो शटर ही बंद कर देते हैं, ताकि कोई तंग न करे। आम जनता की कोई सुनने वाला नहीं है।
लीड बैंक के मैनेजर का कहना है कि वर्तमान में नोटों की सप्लाई खपत के सापेक्ष नहीं हो पा रही है। प्रतिदिन लगभग 100 करोड़ की खपत तो बैंकों से ही है। इसके बाद एटीएम में भी पैसा डालना होता है। हालांकि इस समस्या से रिजर्व बैंक को अवगत कराया गया है। जल्द ही उनके अधिकारियों के साथ बैठक कर इस समस्या को रखा जाएगा।