आगरा में पूरी किस्त जमा कराने के बाद भी कार और मोबाइल को कब्जे में लेने का आरोप लगाकर पीड़ित ने केस दर्ज कराने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने थानाध्यक्ष ताजगंज को अंकित कुमार शर्मा और उसके भाई के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दे दिए।
विज्ञापन
कहरई ताजगंज निवासी निवासी हिमेश वित्थरिया ने सीजेएम की अदालत में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया था। आरोप लगाया था कि वह कार खरीदना चाहते थे। सिविल खराब होने की वजह से बैंक ऋण नहीं मिल पा रहा था। इस बीच मलपुरा निवासी अंकित शर्मा उनके पास आए और कहा कि कार को उनके नाम से फाइनेंस कराकर खरीद लें।
भरोसा होने पर अंकित शर्मा के नाम से दो कार खरीद ली। उन्होंने नियमित रूप से सभी किस्तें अदा कीं। इसके बाद भी अंकित और उसके भाई ने गाड़ियों को हड़पने की साजिश रची। कार ले जाकर उनके खिलाफ केस दर्ज करा दिया।