बार एसोसिएशन ने एक प्रस्ताव पारित कर वादकारियों को अनावश्यक रूप से न्यायालय में उपस्थित न होने की अपील की है। इसके साथ ही जिला जज को ज्ञापन देकर वादकारी और अधिवक्ता की अनुपस्थिति में किसी भी पत्रावली पर विपरीत आदेश नहीं देने का अनुरोध किया है।
कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए केंद्र सरकार से लेकर प्रदेश सरकार कवायद कर रही है। स्कूल-कॉलेज, मॉल और सिनेमाघर तक बंद किए जा चुके हैं। दीवानी में 3500 अधिवक्ता हैं। न्यायालय परिसर
में रोजाना 10 हजार से अधिक वादकारी आते हैं।
आगरा बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी की बैठक में सोमवार को आवश्यक प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें कहा कि जनपद के वादकारी कोरोना वायरस के प्रभाव के कारण अनावश्यक रूप से न्यायालय में उपस्थित होने से बचें। कम से कम संख्या में आएं।
जिला जज को सौंपा पत्र
उच्च न्यायालय एवं जनपद न्यायाधीश के दिशा-निर्देश के अनुपालन में 17 मार्च से 21 मार्च तक वादकारी और अधिवक्ता की अनुपस्थिति में किसी भी पत्रावली पर कोई विपरीत आदेश पारित न किया जाए। इस संबंध में कार्यकारिणी ने जनपद न्यायाधीश को ज्ञापन भी सौंपा।
इसमें कहा है कि इस परिस्थिति को देखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश अपने अधीनस्थ न्यायिक अधिकारियों को देने का कष्ट करें। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष अशोक कुमार जैन, बीएन पचौरी, आनंद सारस्वत, विजय पाल सिंह चौहान, अनिल कुमार तिवारी, अमिताभ शर्मा, देवेश शर्मा आदि शामिल थे।
कम हो गए वादकारी
न्यायालय परिसर में वादकारी और अधिवक्ताओं की संख्या भी कम होने लगी है। आम दिनों में दस हजार से अधिक वादकारी आते हैं, लेकिन अब यह संख्या एक हजार से भी कम हो गई है।