आगरा में पुष्पांजलि हॉस्पिटल के निदेशक मयंक अग्रवाल के खाते से 98.70 लाख रुपये निकालने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेजा।
एक आरोपी एचडीएफसी बैंक का कर्मचारी और दूसरी आरोपी धर्मेंद्र सिंह की पत्नी है। उसने अपने नाम पर वृंदावन और मथुरा में जमीन का सौदा किया था। फर्जी आधार कार्ड भी बनवाया।
18 जनवरी को मयंक अग्रवाल के एचडीएफसी बैंक के खाते से 98.70 लाख रुपये डौकी के गांव मढ़ी निवासी धर्मेंद्र सिंह के खाते में ट्रांसफर कर निकाल लिए गए थे। पुलिस ने पिछले दिनों बैंक के सहायक प्रबंधक ज्ञानेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
रुपये निकालने में उसने धर्मेंद्र की मदद की थी। एसओ हरीपर्वत ने बताया कि फर्जी आधार कार्ड और पेन कार्ड बनाने के आरोपी दुकानदार शुभम अग्रवाल को जेल भेजा जा चुका है। अब अभियुक्त धर्मेंद्र की पत्नी पूनम देवी को गिरफ्तार किया गया है।
उसके पास से 50 हजार रुपये, दो लाख रुपये कीमत की सोने की चेन बरामद की है। वहीं एचडीएफसी के सहायक प्रबंधक ज्ञानेंद्र के बैंक कर्मी साथी दिनेश निवासी जगनपुर, दयालबाल को भी पकड़ लिया गया।
धर्मेंद्र की पत्नी पूनम देवी ने पूछताछ में बताया कि उसका फर्जी आधार कार्ड लक्ष्मी तोमर पत्नी देवेन्द्र सिंह निवासी 145-डी, लक्ष्मी नगर, मथुरा के नाम से बनवाया गया।
इसके बाद पति का भी फर्जी वोटर कार्ड देवेंद्र सिंह निवासी मकान न0 75-डी गोविन्द नगर मथुरा के नाम से बनवाया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया।
मथुरा और वृंदावन में किया जमीनों का सौदा
पुलिस की पूछताछ में पूनम ने बताया कि वृंदावन के गांव राल में किसान वीरी सिंह और हरीसिंह की जमीनों का 38 लाख रुपये में सौदा किया। 25 जनवरी को एग्रीमेंट किया।
10 लाख रुपये एडवांस दिए थे और पांच-पांच लाख रुपये के दो चेक दिये थे। 27 जनवरी को गनेशरा, थाना हाइवे, मथुरा में ओमप्रकाश की जमीन का एग्रीमेंट 30 लाख रुपये में किया गया था।
इसमें भी एडवांस के तौर पर 10 लाख रुपये दिए। 50-50 हजार के चार चेक दिये थे। 10 लाख रुपये की जमीन का एग्रीमेन्ट देवरानी पूजा पत्नी गजेंद्र व मुन्नी देवी पत्नी रामेंद्र के नाम से गांव मढ़ी, डौकी में कराया था।