मथुरा, हाथरस और चित्रकूट के बाद अधूरे लक्ष्य के साथ आगरा और फिरोजाबाद को कागजों में ‘सौभाग्यशाली’ घोषित कर दिया गया है। हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। मगर, आगरा में 14 हजार और फिरोजाबाद में 28 हजार से अधिक घरों में अभी बिजली कनेक्शन नहीं हैं। इसके बाद भी दोनों जिलों को ऊर्जीकृत घोषित किया जा रहा है।
केंद्र और प्रदेश सरकार की हर घर को रोशन करने की योजना है। इसके लिए सौभाग्य योजना के तहत बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं। गरीबों को निशुल्क और अन्य को आसान किश्तों में बिजली कनेक्शन देने की व्यवस्था है। योजना की शुरुआत में आगरा जिले में 58455 ऐसे घर चिह्नित किए गए थे, जहां बिजली कनेक्शन नहीं थे।
इनमें से 43609 घरों में बिजली कनेक्शन दे दिए गए हैं। 14846 घर अभी भी रोशन होने के लिए शेष हैं। बताया जा रहा है कि इन घरों के लोगों ने अभी तक आवेदन ही नहीं किया है। इसके लिए इन लोगों को नोटिस जारी किया जा रहा है। साथ ही ग्राम प्रधान के माध्यम से इन्हें बिजली कनेक्शन देने के लिए आवेदन कराने की तैयारी है।
इससे पहले ही दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने आगरा को ‘सौभाग्यशाली’ श्रेणी में रख दिया है। ऐसा ही हाल फिरोजाबाद जिले का है। यहां 94360 घरों में बिजली कनेक्शन नहीं था। सौभाग्य योजना के तहत दक्षिणांचल ने अभियान चलाकर 65613 घरों में बिजली पहुंचा दी गई है। मगर, अभी भी 28747 घरों में बिजली नहीं है।
दक्षिणांचल ने इसे भी ‘सौभाग्यशाली’ की श्रेणी में रखा है। इस तरह से दक्षिणांचल ने अपने 21 जिलों में से पांच को पूर्ण ऊर्जीकृत करने का दावा किया है। शेष को नवंबर के आखिर तक ‘सौभाग्यशाली’ घोषित करने की तैयारी है।