दोनों भाई पुरानी ईदगाह कॉलोनी में रहते हैं। यह इलाका रकाबगंज क्षेत्र में आता है। जसविंदर के पास एक पिस्टल और दूसरा बंदूक का लाइसेंस है। वहीं रोमिंदर सिंह के पास भी लाइसेंस है। मगर, शस्त्र है या नहीं, यह देखा जा रह है। दोनों के लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट प्रशासन को भेजी गई है।
रोमिंदर ने माता-पिता को अपने दिए शेयर्स
रोमिंदर सिंह साहनी शनिवार को मीडिया के सामने आए। उन्होंने कहा कि समाज में भ्रांति है कि हम परिजन आपस में संपत्ति को लेकर लड़ रहे हैं, जबकि सारा परिदृश्य केवल छोटे भाई जसविंदर सिंह के अविवेकपूर्ण कृत्य और उद्दंडता के कारण है।
उन्होंने कहा कि वह वर्षों से पिता, मुझे और परिवार के लोगों को संपत्ति के कारण तंग करता आ रहा है। बोर्ड मीटिंग में पिता से अपशब्द कहे। मुझसे मारपीट की, जिससे चोट आईं। मैं शांति चाहता हूं। इसलिए वह अपने शेयर्स मां-पिता को दे रहे हैं। अमन चैन से रहना चाहते हैं। इसलिए समाज की जरूरत है।
छोटे भाई की पत्नी ने लगाया यह आरोप
जसविंदर सिंह की पत्नी रजमी कौर साहनी ने महिला थाना में प्रार्थना पत्र दिया है। इसमें आरोप लगाया कि जेठ रोमिंदर और उनकी पत्नी शीतल कौर की नजर संपत्ति पर थी। अक्सर वो पति को झूठे केस में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी देते थे। इसकी शिकायत सास ससुर से की।
विवाद बढ़ने पर कार्य का विभाजन हुआ। चार अप्रैल को मीटिंग में पति से मारपीट की गई। वह उन्हें किसी तरह निकालकर लाई। ससुर अमर देव साहनी रोमिंदर सिंह के षड्यंत्र में शामिल होकर अन्याय करना चाहते हैं। अब वो उन्हें बेटी के साथ घर से निकालना चाहते हैं।