उन्होंने बताया कि बचपन से ही आकाश को छूने की चाहत थी, इसलिए एयरफोर्स को ज्वाइन किया। वह आने वाली चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार हैं। अपने पूर्ववर्तियों की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाएंगे। उन्हें उम्मीद है कि ज्यादा से ज्यादा छात्र भारतीय वायु सेना को करियर विकल्प के रूप में लेने के लिए प्रेरित होंगे, जिससे मातृभूमि की सेवा करने का अवसर मिल सके।
घर में खुशी का माहौल
अखंड प्रताप सिंह को दीक्षांत परेड के बाद उनके पिता ने गले लगा लिया। अखंड का पैतृक गांव अलीगढ़ की इगलास तहसील का गांव सीताराम का नगला है। वर्तमान में उनके माता-पिता शास्त्रीपुरम में रहते हैं। अखंड प्रताप सिंह के फ्लाइंग ऑफिसर बनने पर घर में खुशी का माहौल है।