आगरा में एयरफोर्स के प्रतिबंधित दायरे में निर्माण चिह्नित कर लिए गए हैं। इसकी गोपनीय रिपोर्ट तैयार की गई है। इसके अनुसार एयरफोर्स की बाउंड्री से 15 मीटर की परिधि में 612 निर्माण मिले हैं।
इनका आर्थिक मूल्यांकन भी गया है। बुधवार को इसी रिपोर्ट कमिश्नर को सौंप दी गई है। जल्द ही लखनऊ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में इसकी समीक्षा होगी।
दो जनवरी 2016 को पंजाब के पठानकोट एयरफोर्स बेस कैंप पर आतंकियों ने हमला बोल दिया था। इसमें 6 जवान शहीद हो गए थे। पांच हमलावर भी मार गिराए थे।
इसके बाद देश के सभी एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा का खाका नया सिरे से तैयार करने के निर्देश जारी किए गए थे। इसी के तहत एयरफोर्स स्टेशन के प्रतिबंधित 15 मीटर दायरे में अवैध निर्माण भी चिह्नित करने के लिए कहा गया था।
दरअसल, खुफिया तंत्र का मानना था कि नापाक मंसूबों को अंजाम देने के लिए असामाजिक तत्व एयरफोर्स के आसपास के दायरे में रहकर किसी गतिविधि को अंजाम दे सकते हैं।
यहां से उन्हें एयरफोर्स की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पर्याप्त मौका मिलता है। ऐसे में एयरफोर्स की बाउंड्री से 15 मीटर के दायरे में कोई निर्माण न होने का सुझाव दिया गया है।
बैठक में होगा निर्णय
आगरा एयरफोर्स स्टेशन के इस दायरे में 612 अवैध निर्माण चिह्नित किए गए हैं। ये अवैध निर्माण सदर तहसील के जोगीपुरा, भोगीपुरा, पथौली, बल्हैरा, सुचेता, नरीपुरा और देवरौठा गांव में हैं।
चूंकि यह अवैध निर्माण आदेश लागू होने से पहले से हैं, ऐसे में इन्हें हटाना प्रशासन के लिए मुश्किल हो सकता है। ऐसे में इन्हें विस्थापित करने के पहलू को भी ध्यान रखा जा रहा है।
ऐसी स्थिति में इन निर्माणों का आर्थिक मूल्यांकन भी किया गया है। ताकि सरकार इन्हें विस्थापित करने का यदि फैसला लेती है तो उस पर कितना आर्थिक बोझ पड़ेगा। इन सभी बिंदुओं पर लखनऊ में प्रदेश स्तरीय बैठक होगी।