आगरा में प्रदूषित हवा से लोगों को घुटन महसूस हो रही है। बच्चे, बुजुर्ग और बीमार खांस-खांस कर परेशान हैं। संजय प्लेस में शुक्रवार को एक्यूआई 209 पर रहा। यह खराब श्रेणी है। जबकि अति सूक्ष्म कण और कार्बन मोनो ऑक्साइड का उत्सर्जन भी संजय प्लेस में अधिक हो रहा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, शाम 7 बजे तक शहर का एक्यूआई 144 रहा। सिर्फ दयालबाग में 104 एक्यूआई रहा। दयालबाग क्षेत्र को छोड़कर संजय प्लेस, शास्त्रीपुरम, रोहता, शाहजहां गार्डन और आवास विकास कॉलोनी में एक्यूआई से बच्चों, बजुर्गों और बीमार रोगियों का दम फूलता रहा।
दूसरी तरफ स्मार्ट सिटी के आंकड़े प्रदूषण की अलग ही हकीकत बयां कर रहे हैं। यहां एक्यूआई का स्तर 300 से 400 तक दर्ज हो रहा है। संजय प्लेस शहर का सबसे बड़ा व्यावसायिक केंद्र हैं। जहां हवा खराब स्तर पर बह रही है। संजय प्लेस में अति सूक्ष्म कण पीएम-2.5 का अधिकतम स्तर 342 तक पहुंच गया। पीएम-10 कणों की अधिकतम स्तर 176 माइक्रोग्राम/घन मीटर तक दर्ज हुआ है।
संजय प्लेस के बाद दूसरा सर्वाधिक प्रदूषित इलाका आवास विकास कॉलोनी, सेक्टर-3 है। यहां एक्यूआई 167 रहा। यहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दफ्तर हैं। सेक्टर-3 से लेकर 12 व 16 तक धूल के गुबार उड़ रहे हैं। खुले में पार्कों में निर्माण सामग्री पड़ी है। ताजमहल के पास शाहजहां गार्डन में एक्यूआई 135 और शास्त्रीपुरम में 127 दर्ज हुआ है। इन दोनों ही इलाकों में पीएम-2.5 और पीएम-10 कणों की मात्रा डब्ल्यूएचओ के मानक से कई गुना अधिक है।
शाम और सुबह ज्यादा दिक्कत
24 घंटे वायु प्रदूषण स्तर की निगरानी ऑटोमैटिक स्टेशन पर होती है। जहां रीयल टाइम एक्यूआई दर्ज हो रहा है। एक्यूआई की रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा हवा में जहर शाम 7 से रात 11 बजे और सुबह 8 से 10 बजे घुल रहा है। इस समय सड़कों पर यातायात का दबाब बढ़ रहा है।
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पीडब्ल्यूडी दफ्तर के पास जल रहा कूड़ा
कूड़े को जलाकर निस्तारण का खेल नहीं रुक रहा। पीडब्ल्यूडी दफ्तर के पास सड़क पर डलाबघर में शुक्रवार को दिनभर आग सुलगती रही। यहां से आगरा किला 500 मीटर और ताजमहल 2 किमी. दूर है। दिनभर उठती धूएं की लपटों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहे। रक्षा संपदा व छावनी क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण में लापरवाही पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नोटिस जारी करेगा। पर्यावरण क्षतिपूर्ति के लिए जुर्माना भी लगाया जा सकता है।