आगरा में अधिवक्ता उच्च न्यायालय खंडपीठ की मांग के लिए जन जागरण अभियान चला रहे हैं। इसी के तहत एक और नया नारा दिया गया। जनप्रतिनिधि हुए बेकार, नोटा ही विकल्प अबकी बार। युवा अधिवक्ता संघ ने मंगलवार को यूथ हॉस्टल सभागार में इलेक्ट्रोपैथी दिवस पर नेशनल इलेक्ट्रोपैथी प्रैक्टिशनर बोर्ड की वार्षिक बैठक में भाग लेकर यह नारा दिया।
बैठक में युवा अधिवक्ता संघ के मंडल अध्यक्ष नितिन वर्मा ने कहा कि आगरा में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए जस्टिस जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट को लागू कराए जाने को लेकर अधिवक्ता वर्षों से आंदोलन करते चले आ रहे हैं। आंदोलन अधिवक्ताओं का ही नहीं, बल्कि जनता से जुड़े हर वर्ग का है। मगर, राजनैतिक दलों की उदासीनता के कारण खंडपीठ नहीं मिल पा रही है।
'नोटा ही विकल्प है'
उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना के लिए नेता कोई कदम नहीं उठा सके। कोई भी दल यह घोषणा नहीं कर सका है कि वह हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए कारगर कदम उठाएगा। युवा अधिवक्ता संघ जन जागरूकता अभियान चला रहा है, जिसमें अब खंडपीठ नहीं तो नोटा ही विकल्प है का नारा दिया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता बोर्ड के निदेशक डॉक्टर जयवीर सिंह ने की। बैठक में युवा अधिवक्ता संघ के संरक्षक सुनील शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता एमसी गुप्ता, अजय दीप सिंह, रविंद्र सिंह, विनोद कुमार, खुशाल सिंह, अभिषेक कोटिया, डॉ. जयवीर सिंह डॉ. जितेंद्र सिंह सिकरवार, डॉ विनय श्रीवास्तव उपस्थित रहे।